उन्होंने बताया कि प्राचार्य राजन नंदा के निर्देश पर आयोजित की गई बैठक में यह भी तय किया गया कि अस्पताल में खराब पड़े वाटर कूलरों की मरम्मत भी कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल की लाईट व्यवस्था को दूरस्त करने के लिए जरूरतमंद कर्मचारियों को रखा जाएगा। वहीं बिजली लाईन के बीच आ रही बाधाओं को भी हटाया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल में पानी की समस्या को दूर करने के लिए नई मोटर खरीदने का प्रस्ताव लिया गया। अस्पताल में पानी और बिजली का दुरूपयोग न हो इसके लिए मिलकर इसकी रोकथाम के प्रयास किये जायेंगे। 

महात्मा गांधी अस्पताल की खराब पड़ी लिफ्ट को दो दिन में ठीक करने के निर्देश दिए गए है। इसके लिए संबंधित फर्म को निर्देश किया गया। 

उन्होंने यह बात कबूल की कि अस्पताल में बिजली गुल होने के पीछे तालमेल का अभाव रहा है। उन्होंने कहा कि जनरेटर ठीक करने वाले बिजली कर्मचारियों और देखरेख करने वालों के बीच तालमेल नहीं होने से यह समस्या पैदा हुई है और इसका समाधान अलग-अलग टीमें गठित कर किया है। 

अब आईसीयू में नहीं होगी बिजली गुल :

महात्मा गांधी अस्पताल के आईसीयू वार्ड के प्रभारी डॉ. गौड़ ने कहा है कि चार दिन में इस तरह के प्रयास किये जायेंगे कि आईसीयू और एनएसआईयू में बिजली गुल न हो उसके लिए एक अलग से डीजे सेट से जोडऩे और इन्वेटर लगाये जायेंगे ताकि बिजली चौबीस घंटे उपलब्ध हो सके। 

खपत से तीन गुणा अधिक बिजली जनरेटर है एमजीएच में :

अस्पताल में नौ जनरेटर लगे हुए है जिनकी बिजली उत्पादन क्षमता 1200 केबी से अधिक है। जबकि अस्पताल की दोनों विंग में 450 केबी की खपत है। ऐसे में अगर जनरेटर ठीक रहते है तो उन्हें बारी बारी से चलाकर भी अधिक बिजली उत्पादन की जा सकती है। अब प्रयास यही होगा कि बिजली चौबीस घंटे उपलब्ध हो सके। 

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Video अब 24 घंटे उपलब्ध होगी महात्मा गांधी चिकित्सालय में बिजली, खराब डीजी सेट कराये जायेंगे ठीक

Video अब 24 घंटे उपलब्ध होगी महात्मा गांधी चिकित्सालय में बिजली, खराब डीजी सेट कराये जायेंगे ठीक

Wed 12 Jun 19  8:08 pm


भीलवाड़ा (हलचल)। महात्मा गांधी चिकित्सालय में 6 घंटे बिजली बन्द रहने को लेकर आज अस्पताल प्रशासन जागा है और खराब पड़े डीजी सेट के साथ ही कूलर, एसी और पीने के पानी की समस्या के समाधान के प्रयास शुरू किये है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि दो दिन बाद इस तरह की समस्या फिर न आये, ऐसे प्रयास किये जा रहे है।

मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ.अरुण गौड़ ने आज महात्मा गांधी अस्पताल के चिकित्सकों के साथ ही प्रशासनिक कर्मचारियों, नर्सेज और टेक्निशियनों की संयुक्त बैठक आयोजित कर कल महात्मा गांधी अस्पताल में बिजली बन्द रहने को लेकर चर्चा की। वहीं डॉक्टर गौड़ ने बताया कि बैठक में अस्पताल के 8 जनरेटर सेटों को ठीक करने के निर्देश दे दिए गए है। इसके लिए अलग-अलग कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है। डॉ.देवकिशन सरगरा को इसका प्रभारी बनाया गया है। इसमें नर्सेज महेन्द्र सिंह सहित चार कर्मचारियों को शामिल किया गया है। डॉ. गौड़ ने बताया कि कल तक पांच डीजी सेट चालू हो जायेंगे। इनमें छोटी मोटी खामियां थी इन्हें दूर करने के लिए टीम लगा दी गई है। इसके अलावा डीजी सेट से अस्पताल के बीच करीब तीन लाख रुपए लागत की नई केबल भी बिछाने का फैसला किया गया। इसके बिछ जाने के बाद अस्पताल में हर हाल में चौबीस घंटे बिजली बनी रहे, ऐसी व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि अस्पताल के अन्य डीजी सेटों की मरम्मत भी शुरू करने के निर्देश दे दिए गये ताकि अस्पताल में किसी तरह की ऐसी समस्या फिर से न हो। उन्होंने बताया कि विभिन्न वार्डों और आउटडोर में खराब पड़े एयर कन्डीशनर की भी सूचियां तैयार कर उनकी मरम्मत कराने का फैसला किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि खराब पड़े कूलरों की भी मरम्मत कराई जाएगी। 

उन्होंने बताया कि प्राचार्य राजन नंदा के निर्देश पर आयोजित की गई बैठक में यह भी तय किया गया कि अस्पताल में खराब पड़े वाटर कूलरों की मरम्मत भी कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल की लाईट व्यवस्था को दूरस्त करने के लिए जरूरतमंद कर्मचारियों को रखा जाएगा। वहीं बिजली लाईन के बीच आ रही बाधाओं को भी हटाया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल में पानी की समस्या को दूर करने के लिए नई मोटर खरीदने का प्रस्ताव लिया गया। अस्पताल में पानी और बिजली का दुरूपयोग न हो इसके लिए मिलकर इसकी रोकथाम के प्रयास किये जायेंगे। 

महात्मा गांधी अस्पताल की खराब पड़ी लिफ्ट को दो दिन में ठीक करने के निर्देश दिए गए है। इसके लिए संबंधित फर्म को निर्देश किया गया। 

उन्होंने यह बात कबूल की कि अस्पताल में बिजली गुल होने के पीछे तालमेल का अभाव रहा है। उन्होंने कहा कि जनरेटर ठीक करने वाले बिजली कर्मचारियों और देखरेख करने वालों के बीच तालमेल नहीं होने से यह समस्या पैदा हुई है और इसका समाधान अलग-अलग टीमें गठित कर किया है। 

अब आईसीयू में नहीं होगी बिजली गुल :

महात्मा गांधी अस्पताल के आईसीयू वार्ड के प्रभारी डॉ. गौड़ ने कहा है कि चार दिन में इस तरह के प्रयास किये जायेंगे कि आईसीयू और एनएसआईयू में बिजली गुल न हो उसके लिए एक अलग से डीजे सेट से जोडऩे और इन्वेटर लगाये जायेंगे ताकि बिजली चौबीस घंटे उपलब्ध हो सके। 

खपत से तीन गुणा अधिक बिजली जनरेटर है एमजीएच में :

अस्पताल में नौ जनरेटर लगे हुए है जिनकी बिजली उत्पादन क्षमता 1200 केबी से अधिक है। जबकि अस्पताल की दोनों विंग में 450 केबी की खपत है। ऐसे में अगर जनरेटर ठीक रहते है तो उन्हें बारी बारी से चलाकर भी अधिक बिजली उत्पादन की जा सकती है। अब प्रयास यही होगा कि बिजली चौबीस घंटे उपलब्ध हो सके। 

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