अल्जाइमर एक न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी है, जो मस्तिष्क कोशिकाओं के लगातार नुकसान के कारण होती है। इस बीमारी में कमजोर याददाश्त की वजह से कई बार लोग अपने घर का पता और अपने परिजनों के नाम तक भूल जाते हैं। न्यूरो रोग विशेषज्ञों का कहना है कि पहले यह 65 साल की उम्र के बाद होती थी लेकिन अब 50 साल की उम्र में भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।

इस स्थिति को अर्ली-ऑनसेट अल्जाइमर कहते हैं।  न्यूरो विशेषज्ञ अतुल प्रसाद के मुताबिक महिलाओं में ये मामले अधिक देखे जा रहे हैं।

उक्त रक्तचाप पर नियंत्रण जरूरी-
एम्स की न्यूरोलॉजी विभाग की प्रोफेसर मंजरी त्रिपाटी के मुताबिक, अल्जाइमर पूरी तरह से ठीक नहीं हो सकता, लेकिन मरीज के जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। ऐसी कई दवाएं हैं, जिनके द्वारा मरीज के व्यवहार में सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कई प्रयासों से मरीज के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है जैसे व्यायाम, सेहतमंद आहार, उच्च रक्तचाप पर नियंत्रण, डिसलिपिडिमा और डायबिटीज पर नियंत्रण और मरीज को बौद्धिक गतिविधियों में शामिल करना जैसे नई भाषा सीखने, मेंटल गेम्स या म्यूजिक में व्यस्त रखना।लक्षण-

-आंखें कमजोर होना
-मूड में बहुत जल्द बदलाव आना
-कामकाज में मन ना लगना  
-चीजों को जज ना कर पाना
-लोगों का नाम भूल जाना
-घर के लोगों के नाम भूल जाना या याद न रख पाना

उपाय-
-व्यायाम से दिमाग को स्वस्थ रखें
-सूडोकू, क्रॉसवर्ड जैसे खेल खेलें
-नई भाषा सीखने का प्रयास करें
-अखरोट एवं अन्य ड्राई फ्रूट खाएं
-हल्दी का अधिक प्रयोग करें
-साबूत अनाज, मछली, लीन पोल्ट्री, सेम व अन्य फलियां लें

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World Alzheimer’s Day: कम उम्र में ही याददाश्त खो रहे लोग, जानें क्या है लक्षण और बचाव

Sat 21 Sep 19  9:17 am


अल्जाइमर एक न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी है, जो मस्तिष्क कोशिकाओं के लगातार नुकसान के कारण होती है। इस बीमारी में कमजोर याददाश्त की वजह से कई बार लोग अपने घर का पता और अपने परिजनों के नाम तक भूल जाते हैं। न्यूरो रोग विशेषज्ञों का कहना है कि पहले यह 65 साल की उम्र के बाद होती थी लेकिन अब 50 साल की उम्र में भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।

इस स्थिति को अर्ली-ऑनसेट अल्जाइमर कहते हैं।  न्यूरो विशेषज्ञ अतुल प्रसाद के मुताबिक महिलाओं में ये मामले अधिक देखे जा रहे हैं।

उक्त रक्तचाप पर नियंत्रण जरूरी-
एम्स की न्यूरोलॉजी विभाग की प्रोफेसर मंजरी त्रिपाटी के मुताबिक, अल्जाइमर पूरी तरह से ठीक नहीं हो सकता, लेकिन मरीज के जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। ऐसी कई दवाएं हैं, जिनके द्वारा मरीज के व्यवहार में सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कई प्रयासों से मरीज के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है जैसे व्यायाम, सेहतमंद आहार, उच्च रक्तचाप पर नियंत्रण, डिसलिपिडिमा और डायबिटीज पर नियंत्रण और मरीज को बौद्धिक गतिविधियों में शामिल करना जैसे नई भाषा सीखने, मेंटल गेम्स या म्यूजिक में व्यस्त रखना।लक्षण-

-आंखें कमजोर होना
-मूड में बहुत जल्द बदलाव आना
-कामकाज में मन ना लगना  
-चीजों को जज ना कर पाना
-लोगों का नाम भूल जाना
-घर के लोगों के नाम भूल जाना या याद न रख पाना

उपाय-
-व्यायाम से दिमाग को स्वस्थ रखें
-सूडोकू, क्रॉसवर्ड जैसे खेल खेलें
-नई भाषा सीखने का प्रयास करें
-अखरोट एवं अन्य ड्राई फ्रूट खाएं
-हल्दी का अधिक प्रयोग करें
-साबूत अनाज, मछली, लीन पोल्ट्री, सेम व अन्य फलियां लें

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