अफीम परिवहन करने वाले दो आरोपियों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास

Wed 03 Oct 18  9:43 pm

  


नीमच। विशेष न्यायाधीश एन.डी.पी.एस. एक्ट जावद के विशेष न्यायाधीश नीतिराज सिंह सिसौदिया द्वारा दो आरोपियों को मारूति वेन से अफीम रखकर परिवहन करने के आरोप में 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 01-01 लाख रू. से दण्डित किया है।
जिला लोक अभियोजन अधिकारी   आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि जिला अफीम निवारक दल अधिकारी, जावद ने  26.02.2012 को दोपहर करीब 03-04 बजे अपने कुत्ते के साथ रतनगढ-सिंगोली मार्ग पर गांव अथवाखुर्द के पास आते-जाते संदिग्ध वाहनों की तलाशी हेतु तैनात थे। लगभग 03 बजे गांव अथवाखुर्द के कच्चे रास्ते की तरफ से एक नीले रंग की मारूति कार 800 नं. आर.जे. 09 सी.ए. 3096 आती दिखाई दी, जिसमे मादक पदार्थ ले जाने की शंका में हाथ का ईशारा देकर रोकने का प्रयास किया, किंतु कार के चालक ने गाड़ी की रफ्तार बड़ा दी और भागने का प्रयास किया। जिसका पीछा निवारक दल द्वारा किया गया, आगे मारूति कार चालक ने वाहन को रोक लिया तथा वह और उसके साथी अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे, निवारक दल द्वारा एक आरोपी को दबोच लिया व दुसरा व्यक्ति कार चालक भागने में सफल रहा। पकड़े गये व्यक्ति से पूछताछ में अपना नाम भागीरथ व भागने वाले व्यक्ति का नाम प्रेमसिंह पिता चतरसिंह बताया। निवारक दल द्वारा आरोपी भागीरथ को गिरफ्तार किया व वाहन की तलाशी में कार की पीछे की सीट पर एक सफेद खाद का कट्टा जिस पर नेशनल सीड्स कार्पोरेशन लिखा था। जिसे खोलकर देखने पर कट्टे के अंदर तीन पारदर्शी थैलियों में भूरे रंग का लचिला पदार्थ पाया गया, जिसे चखकर व सूघकर परीक्षण कर अफीम की पुष्टि की गई, निवारक दल द्वारा मौके पर उक्त तीनो थैलियों का वजन करने पर कुल 14 किलो 500 ग्राम पाया गया, उक्त अफीम को जप्त किया गया, अनुसंधान के दौरान आरोपी भागीरथ से कथन के दौरान उक्त अवैध मादक पदार्थ आरोपी तुलसीराम से लाना बताया। उक्त कथन पर आरोपी तुलसीराम को गिरफ्तार किया गया, अनुसंधान उपरांत परिवाद पत्र न्यायालय में पेश किया।
न्यायालय में उक्त आरोपीगण के विरूद्ध अपराध को प्रमाणित करने के लिए सभी आवश्यक साक्षियो के कथन कराये गये, जिसके आधार पर उक्त धारा में आरोपीगण को दोषी ठहराया गया। दण्ड के प्रश्न पर सी.बी.एन. के सीनीयर एडवोकेट सुशील ऐरन द्वारा आरोपीगण द्वारा वाणिज्यिक मात्रा से अधिक मादक पदार्थ होने से अपराध की गंभीरता को देखते हुए अधिकतम सजा दिये जाने का अनुरोध किया जिस पर विशेष न्यायाधीश एन.डी.पी.एस. एक्ट नीतिराज सिंह सिसौदिया, जावद द्वारा आरापीगण (1) भागीरथ पिता रतनलाल मेघवाल, उम्र-33 वर्ष, निवासी-ग्राम पिपलोन, जिला नीमच को अधिनियम की धारा 8/18(बी) एन.डी.पी.एस. एक्ट 1985 के अंतर्गत 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 01 लाख रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया एवं (2) तुलसीराम पिता हीरा, उम्र-60 वर्ष, ग्राम अथवाखुर्द तहसील सिंगोली, जिला नीमच (म.प्र.) को धारा 8/18(बी) सहपठित धारा 29 एन.डी.पी.एस. एक्ट 1985 के अंतर्गत 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 01 लाख रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। न्यायालय में सी.बी.एन. का पक्ष  सुशील ऐरन, विशेष लोक अभियोजक द्वारा रखा गया।