मध्य-प्रदेश हलचल -पर्यटन स्थल नगरी मांडव बानी हादसों का गढ़

Fri 20 Jul 18  12:42 am

इंदौर कैलाश सिंह सिसोदिया ।ऐतिहासिक पर्यटन स्थल के नाम से मशहूर mdyprdesh ke मांडव में प्रक्रति के अद्भुत न जारे देखने के लालच में जान की बाजी लगा रहे हैं पर्यटक। पर्यटन विभाग और प्रशासन के रुखे रवैए से पर्यटन स्थल नगरी मांडव हादसों का गढ़ बन चुका है। दुर्घटना जन्य होते महलों मैं सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजामात नहीं किये जा रहे हैं। इस मौसम में हर वर्ष होते हैं हादसे ,प्रसाशन नही ले रहा है सबक। धार जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर स्थित प्राचीन पर्यटन नगरी मांडव । विंदयाचल की खूबसूरत पहाड़ियों पर स्थित समुद्र तल से 633 मीटर ऊपर बसा मांडव , रानी रूपमती ,बाजबहादुर महल ,जहाज महल, हिंडोला महल जैसी खूबसूरत इमारतों व प्राकृतिक हरियाली मांडव गढ़ की खूबसूरती को चार चांद लगा देती है । परंतु मांडव जितना सुंदर है उतना ही खतरनाक स्थल भी कहा जा सकता है , यहाँ चारो ओर गहरी खाइया हैं। बारिश के बाद पत्थरों पर चिकनाहट, और महलों के खतरनाक क्षति ग्रस्त ऊँचे स्थान पर्यटको के लिए जान लेवा है । सनसेट पाइंट जैसे स्थानों पर लगी टूटी फूटी रेलिंग, दुर्घटनाओ को निमंत्रण देती प्रतीत होती है, मांडव पहुच मार्ग पर घुमावदार रास्ते , सकरे दरवाजे और खतरनाक मोड़ पर कुछ समय पूर्व लाखो रुपये खर्च कर लगाये गए दर्पण जिससे सामने से आने वाले वाहन दिखाई देते थे वे सब नदारत हो चुके हैं । जिससे खतरा बना रहता है । आपको बता दें मांडवगढ़ प्रचीन ऐतिहासिक नगर है जहाँ पर हर वर्ष लाखो पर्यटक देश और विदेश से आते हैं । चाहे हिलेरी क्लिंटन हो या देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री जैसे vip हो सभी को मांडव लुभाता है । फ़िल्म इंडस्ट्री को भी मांडव खूब भाया है, दिल दिया दर्द लिया ,जीने नही दूंगा से लेकर नए जमाने की पेड़मेन जैसी हिट फिल्म यहा बन चुकी है । विडंबना यह है की यहां स्थित महलों की खूबसूरती पर प्रकृति मेहरबान होती है परंतु यहां का प्रशासन पर्यटको की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है बल्कि लापरवाह बना हुआ है. मांडव में कई पर्यटकों की जान जा चुकी है पर विभाग ने मानो आंखों पर पट्टी बांध रखी है. पर्यटन विभाग पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर बिल्कुल ही सतर्क नहीं है ना ही महलों में नियुक्त किए सुरक्षाकर्मी।