मौलिक शिल्प-सौन्दर्य का संरक्षण करते हुए दिखाएं नवाचारी सुनहरा परिदृश्य:-राहुल भटनागर

Thu 07 Feb 19  5:40 pm

राजसमन्द (राव दिलीप सिंह ) मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव) उदयपुर राहुल भटनागर ने डीएमएफटी योजना के अन्तर्गत अन्नपूर्णा माताजी पर्वतीय क्षेत्र में वन विभाग द्वारा कराए जा रहे विभिन्न विकास एवं सौन्दर्यीकरण कार्यों का अवलोकन किया और ऎतिहासिक धरोहरों की मौलिकता बनाए  रखते हुए विकास के निर्देश दिए।  उन्होंने विभिन्न कार्यों का गहन अवलोकन किया और महत्वपूर्ण सुझाव दिए। 

मुख्य वन संरक्षक राहुल भटनागर ने बताया कि इस क्षेत्र के लिए 661.25 लाख के विभिन्न विकास एवं सौन्दर्यकरण कार्यों के पूर्ण हो जाने पर राजसमन्द का यह क्षेत्र प्रदेश और देश में नवीन इको टूरिज्म सेंटर के रूप में उभरेगा और पर्यटन विकास के मानचित्र पर अग्रणी पहचान बनाएगा। 

इस दौरान उप वन संरक्षक (वन्य जीव) फतेहसिंह राठौड़, सहायक वन संरक्षक विनोद कुमार राय तथा वन विभाग के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित थे। 

मुख्य वन संरक्षक राहुल भटनागर ने डीएमएफटी में स्वीकृत व निर्माणाधीन कार्यों का अवलोकन किया और अब तक की प्रगति की जानकारी लीी। इस दौरान उप वन संरक्षक फतेहसिंह राठौड़ ने बताया कि डीएमएफटी मद में कुल 616 लाख 75 हजार रुपए धनराशि के विकास कार्य शामिल हैं। 

इनमें अन्नपूर्णा माताजी वन वन मार्ग के वृक्षारोपण एवं संधारण के लिए 20 लाख, इको रेस्टोशन कार्य वन खण्ड गढ़वाला के लिए 95 लाख,  रूठी रानी महल को पर्यावरण चेतना केन्द्र में विकसित करने के लिए  124.87 लाख तथा इको पार्क गढ़वाला के लिए 96.47 लाख के विभिन्न कार्य प्रगति पर हैं। वन खण्ड सेवाली के इको रेस्टोरेशन कार्य के लिए 78.66 लाख के कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए 11 फरवरी को फिर से निविदा आमंत्रित की गई है। इसी प्रकार अन्नपूर्णा माताजी मन्दिर के पास 25 लाख की लागत से बनने वाले सुलभ कॉम्प्लेक्स के लिए कार्यादेश की कार्यवाही जारी है जबकि 176 लाख 75 हजार की धनराशि के बनने वाले वन्यजीव इन्टरप्रिटेशन सेन्टर के लिए वित्तीय स्वीकृति शेष है। 

उपवन संरक्षक ने बताया कि अन्नपूर्णा माताजी वन मार्ग पौधारोपण एवं सौन्दर्यकरण कार्यों के अन्तर्गत अब तक 44.50 लाख की धनराशि से विभिन्न कार्य संपादित कराए  जा चुके हैं। इनमें 14.23 लाख की लागत से इको ट्रेल कम पाथवे निर्माण, 3.70 लाख से अन्नपूर्णा मन्दिर के सामने पार्क बनाने, 5.25 लाख की लागत से रूठी रानी महल का संधारण एवं खरंजा कार्य, 14.22 लाख की धनराशि से कंगूरे, गजीबो निर्माण एवं बेंचेज लगाने तथा 7.10 लाख की लागत से प्राकृतिक वनस्पति का संरक्षण एवं 5 हजार पौधों के रोपण तथा अन्य कार्य संपादित किए गए हैं। मुख्य वन संरक्षक ने अन्नपूर्णा पर्वतीय क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का अवलोकन किया।