सिरफिरे आशिक ने ली युवती की जान

Sat 15 Sep 18  2:45 pm

      इंदौर। एमआईजी थाना क्षेत्र में गुरुवार रात हमले में घायल युवती ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एकतरफा प्रेम में सिरफिरे आशिक ने दराते से उसके चेहरे, सिर, गर्दन और पीठ पर करीब 38 वार किए थे। तीन महीने पहले फेसबुक के जरिये दोनों में दोस्ती हुई थी। मैसेंजर में चैटिंग के दौरान युवती ने शादी करने से मना कर दिया था। इसके बाद से आरोपित चेहरे पर रूमाल बांधकर युवती का पीछा करने लगा था। कई बार उसने युवती को दूसरे लड़कों से बात करते, घूमते-फिरते देख लिया था । नाराज होकर उसने सात दिन पहले युवती की हत्या की योजना बना ली थी।एमआईजी पुलिस ने सुप्रिया पिता दिनेश जैन निवासी मंडी बमोरा जिला सागर की हत्या करने वाले आरोपित कमलेश साहू निवासी गणेशगंज साहपुरा जिला सागर को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया है। टीआई  ने बताया कि सुप्रिया अपने भाई संस्कार के साथ सांघी कॉलोनी स्थित बिल्डिंग में किराए के फ्लैट में रहती थी। वह वर्ष 2012 में स्कूल के बाद आगे की पढ़ाई के लिए इंदौर आ गई थी। कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद सुप्रिया मीडिया संस्थान में कुछ महीनों से नौकरी करने लगी थी।गुरुवार रात ऑफिस का काम पूरा करने के बाद उसे किसी साथी ने बिल्डिंग के बाहर छोड़ा था। इसी दौरान उस पर आरोपित ने जानलेवा हमला कर दिया था। घटना के वक्त गली में दो बाइक सवारों ने दोनों के बीच मारपीट होते देखी थी। बीचबचाव करने का प्रयास किया तो आरोपित ने उन्हें दराता दिखाकर धमकाया था।

दोनों वापस लौटे और गली के कोने में बनी पान की दुकान पर खड़े एक दर्जन से ज्यादा लोगों को घटना की जानकारी दी लेकिन किसी ने युवती को बचाने का प्रयास नहीं किया। इसी दौरान इलाके में गश्त कर रही डायल 100 की गाड़ी वहां से गुजर रही थी, जिसे देखकर भीड़ ने पूरी घटना बताई। इस पर गाड़ी में सवार प्रधान आरक्षक झंवरसिंह भदौरिया और आरक्षक जिनेंद्रसिंह पवार मौके पर पहुंचे और आरोपित को हमला करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था। 

पुलिस को आरोपित ने बताया कि 6 महीने पहले उसे सुप्रिया स्कूटी पर किसी युवक के साथ दिखी थी। इसके बाद उसने फेसबुक पर उसे तलाशा और फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दोस्ती कर ली थी। मैसेंजर पर चैटिंग के दौरान उसने शादी करने, बात करने व मिलने से मना कर दिया था। इसके बाद फेसबुक प्रोफाइल से उसकी लोकेशन निकाली थी। कई दिनों तक तलाश के बाद उसे घर और ऑफिस का पता मिल गया था।