स्वाईन फ्लू बढ़ने का अंदेशा, विभाग ने उपचार हेतु चिकित्सकों को पूर्ण तैयारी रख जारी किया अलर्ट

Fri 16 Nov 18  4:46 pm


 भीलवाडा (हलचल) । मौसम में आए बदलाव से जिला अस्पताल सहित जिले के चिकित्सा संस्थानों में सर्दी, जुकाम व बुखार के रोगियों के बढ़ने की संभावना को देखते हुए अब जिले के चिकित्सा विभाग ने चिकित्सा अधिकारियों को रोगियों के उपचार की पूर्ण तैयारियां रख अलर्ट जारी किया है।

         मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. जे.सी. जीनगर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सर्दी बढने के साथ हीं स्वाईन फ्लू रोगियों के बढने की संभावना को लेकर जिले के समस्त चिकित्सा संस्थानों के प्रभारियों को आईएलआई रोगियों की स्क्रीनिंग कर स्वाईन फ्लू के लक्षण पाए जाने पर तत्काल उपचार सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये है। मौसमी बीमारियों से निपटने हेतु चिकित्सा संस्थानों के प्रभारियों को संस्थान पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर रेपिड रेस्पोंस टीमों को नियमित क्रियाशील रख एहतियात बरतने के निर्देश दिये साथ हीं दैनिक रिपोर्ट जिला स्तर पर आईडीएसपी शाखा को प्रेषित करने के निर्देश जारी किये।
         उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. घनश्याम चावला ने स्वाईन फ्लू के बचाव व उपचार हेतु खांसते व छींकते समय रूमाल का प्रयोग करने, पूरी आस्तीन के कपडे पहनने, मुंह पर कपडा रखने, बार-बार साबुन से हाथ धोने, गर्म व ताजा खाना खाने साथ हीं जुकाम, खांसी व बुखार के लक्षण होने पर बिना समय गवाएं तुरन्त चिकित्सक की सलाह से उपचार सुविधा शुरू करावें। उन्होंने बताया कि स्वाईन फ्लू के बचाव व नियंत्राण हेतु जिला चिकित्सालय में आईसोलेशन मय वंेटिलेटर स्वाईन फ्लू वार्ड आरक्षित किया गया है। 24 घंटे स्वाब लेने व जांच करने की सुविधा जिला चिकित्सालय में उपलब्ध है साथ हीं जिला स्तर पर नियंत्राण कक्ष की स्थापना की गई है।
           लक्षण पहचान कर, तुरन्त ईलाज करावे- डिप्टी सीएमएचओ ने बताया कि स्वाईन फ्लू से ग्रसित व्यक्ति को बार-बार छींक आना व नाक से पानी बहना, बुखार होना, खांसी और गले में खराश होना, सांस लेने में कठिनाई महसूस होना, सिर दर्द होना तथा उल्टी व दस्त होना आदि लक्षण हो सकते है। स्वाईन फ्लू होने पर घबराये नहीं, इसकी जांच व उपचार सभी जिला चिकित्सालय, राजकीय मेडिकल काॅलेजों एवं अधिकृत चिकित्सालयों में उपलब्ध है। स्वाईन फ्लू के लक्षणों की समय पर पहचान कर चिकित्सक के निर्देशानुसार तुरन्त इलाज करावे।
            क्या करें- स्वाईन फ्लू के बचाव हेतु स्वच्छ पानी से हाथ धोयें। संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाये रखे। भीड़ वाले स्थानों पर नहीं जाएं। पोषक भोजन खाये, खूब पानी पिये तथा आराम करें और शांतचित्त होकर सोये।
            क्या नहीं करें- संक्रमित व्यक्ति से हाथ न मिलायें। इधर-उधर न थूकें। बिना डाॅक्टर की सलाह के दवाईयां न लें। अगर आप बीमार है, तो छींकतें समय मुंह को रूमाल से ढ़क ले। घर पर हीं रहे तथा कम से कम लोगों के सम्पर्क में आवें। भरपूर आराम करें और तरल पदार्थो का सेवन करें। प्रयोग में लाए गये टिश्यू पेपर एवं रूमाल को खुले में नहीं डाले। स्वाईन फ्लू प्रभावित क्षेत्रा में बिना मास्क नहीं जाऐं। घर के आस-पास साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखे तथा चिकित्सक की सलाह जरूर लेवे।

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