‘’ जादू दिखाते समय एक क्षण की देरी से भी जा सकती है जान – जादूगर आंचल ‘’

‘’ जादू दिखाते समय एक क्षण की देरी से भी जा सकती है जान – जादूगर आंचल ‘’

Wed 04 Oct 17  6:07 pm

भीलवाड़ा (ओम कसारा)। ‘’ जादू दिखाते समय एक क्षण की देरी भी हमारी जान ले सकती है। ‘’ यह बात भारत की मशहूर जादूगर आंचल ने भीलवाड़ा हलचल के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘’ रूबरू’’ के दौरान कही। उन्‍होंने कहा कि जादू कोई तिलस्‍म या चमत्‍कार नहीं है बल्कि एक ऐसी कला है जिसमें जादूगर दर्शकों की नजरों द्वारा पकड़े जाने से पूर्व ही अपने हाथों का कमाल दिखाकर और विज्ञान का सहारा लेकर उपस्थित जनों को दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर कर देता है।

            एक सवाल के जवाब में आंचल ने कहा कि विदेशी जादूगरों के पास उन्‍नत किस्‍म की तकनीक और आर्थिक रूप से सम्‍पन्‍नता उन्‍हें बड़े करतब दिखाने के योग्‍य बनाती है। दूसरी ओर भारतीय जादूगरों के पास उनके जितने संसाधन नहीं होते लेकिन इसके बावजूद वो जुगाड़ लगाकर ऐसे-ऐसे कारनामे करके दिखा देते हैं जिसकी आम आदमी कल्‍पना भी नहीं कर सकता।

               आंचल ने इस बात पर गहरा दु:ख व्‍यक्‍त किया कि जादूगरों को सरकार की ओर से कोई प्रोत्‍साहन नहीं मिलता जिससे वो चाहकर भी वो मुकाम हासिल नहीं कर पाते जिसकी उन्‍होंने कल्‍पना की होती है। यही नहीं किसी भी शहर में जादू का शो आयोजित करने की स्विकृति हासिल करने में ही कई दिन लग जाते हैं जिससे उनका जो समय जादू के नए करतब ईज़ाद करने में लगना चाहिए वो व्‍यर्थ ही बर्बाद हो जाता है।

                जादूगर आंचल ने यह भी बताया कि जादू के प्रति आकर्षण बनाए रखने के लिए वो नित नए प्रयोग कर रही है। वर्तमान में हवाई जहाज के लगातार घूमते हुए पंखे के आरपार चले जाने का उनका कारनामा दर्शकों द्वारा काफी पसन्‍द किया जा रहा है। एक अन्‍य सवाल के जवाब में आंचल ने कहा कि टी.वी. के मार्फत एक साथ लाखों लोगों तक पहुंचा तो जा सकता है लेकिन आमजन के दिल में जगह तभी बनाई जा सकती है जब हम लाईव शो का आयोजन करते हैं क्‍योंकि उन्‍हें उस समय दर्शकों से सीधे जुड़ने का मौका मिलता है। आंचल ने यह भी कहा कि वर्तमान में उनकी गिनती देश के पांच प्रमुख जादूगरों में होती है और उनका सपना है कि भविष्‍य में उनका नाम विश्‍व के पांच प्रसिद्ध जादूगरों में शामिल हो, जिसके लिए वो दिन रात कड़ी मेहनत कर रही हैं।