‘’ टेक्‍सटाईल श्रमिकों से 12 घंटे काम लेना मानवाधिकारों का है उल्‍लंघन – प्रभाष चौधरी ‘’

‘’ टेक्‍सटाईल श्रमिकों से 12 घंटे काम लेना मानवाधिकारों का है उल्‍लंघन – प्रभाष चौधरी ‘’

Wed 13 Sep 17  8:31 pm

 

भीलवाड़ा ( ओम कसारा)।  ‘’ राज्‍य सरकार से मिलीभगत करके पूंजीपति लोग उद्योगों के नाम पर आवंटित जमीन का आवासीय व व्‍यावसायिक उपयोग करके अरबों रूपये के वारे - न्‍यारे कर रहे हैं। जिसके दुष्‍परिणामस्‍वरूप जो धन आमजन के विकास में काम आ सकता था उससे भूमाफियाओं की तिजोरियां भर रही हैं। ‘’ यह बात भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश उपाध्‍यक्ष प्रभाष चौधरी ने भीलवाड़ा हलचल के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘’रूबरू’’ के दौरान कही।

             उन्‍होंने कहा कि टेक्‍सटाईल उद्योग में कार्यरत श्रमिकों से बारह घंटे की शिफ्ट में काम करवाना मानवाधिकार का सीधा-सीधा उल्‍लंघन है। इस संबंध में कई मर्तबा सम्‍बन्धित अधिकारियों का ध्‍यान आकृष्‍ट करवाया गया लेकिन किसी ने भी इस बाबत कोई कार्यवाही नहीं की और यदि किसी श्रमिक ने इस शोषण के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश की तो उसे नौकरी से बर्खास्‍त कर दिया गया। चौधरी ने कहा कि जब भी उन्‍हें कोई योग्‍य प्रतिनिधि मिल जाएगा तब वो टेक्‍सटाईल के क्षैत्र में भी बीएमएस संगठन को मजबूत बनाने का काम करेंगें।

                एक सवाल के जवाब में प्रभाष चौधरी ने कहा कि असंगठित क्षैत्र में कार्यरत मजदूरों की दशा सुधारने के लिए बीएमएस एवं अन्‍य श्रमिक संगठनों ने जो आंदोलन किए हैं उसके परिणामस्‍वरूप कैन्‍द्र सरकार ने मजदूरों के हित की कई योजनाऐं शुरू की है लेकिन इस दिशा में अभी भी बहुत कुछ किया जाना शेष है जो निरन्‍तर आन्‍दोलन के जरिए ही  संभव हो पाएगा। एक अन्‍य सवाल के जवाब में बीएमएस के प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि देशभर में 28 लाख  40 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कहने को तो सरकारी छत्रछाया में महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्‍तर्गत कार्य करती हैं लेकिन वस्‍तु स्थिति यह है कि ये स्‍थायी नहीं है और मानदेय के नाम पर भी इन्‍हें काम के मुकाबले बहुत ही कम पारिश्रमिक मिलता है। इस शोषण को रोकने के लिए उन्‍होंने बीएमएस के बैनर तले एक लम्‍बा संघर्ष किया है और उन्‍हें उम्‍मीद है कि आंगनबाड़ी बहिनों को जल्‍द ही नियमित कर दिया जाएगा।