‘’ नशा कर रहा है पूरी पीढ़ी को बर्बाद – नारायण लाल ’’

‘’ नशा कर रहा है पूरी पीढ़ी को बर्बाद – नारायण लाल ’’

Sun 10 Dec 17  12:34 am

भीलवाड़ा ( ओम कसारा) । ‘’ युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज में व्‍याप्‍त कुरीतियों को दूर करने के लिए राजनेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों एवं जागरूक माताओं और पिताओं को मिलकर प्रयास करने होंगें।‘’ यह बात नशा मुक्ति संदेशवाहक नारायण लाल भदाला ने हलचल के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘ रूबरू ’ के दौरान कही।

             उन्‍होंने कहा कि नशे की लत लगते ही सिर्फ़ उसी व्‍यक्ति का नुकसान नहीं होता बल्कि उसका पूरा परिवार तबाह हो जाता है। यही नहीं नशे की तलब पूरी करने के लिए वो अपराधिक कार्यों में लिप्‍त हो जाता है जिसका खामियाजा उन बेकसूर लोगों को भी भुगतना पड़ता है जिनका नशे से दूर-दूर तक का वास्‍ता नहीं होता।

             नारायण ने बताया कि वो स्‍वंय भी उस शराबी टेंकर चालक के सताए हुए हैं। जिसने उनके भाई को कुचलकर असमय ही काल के गाल में भेज दिया था। जिसके दुष्‍परिणामस्‍वरूप उनके हंसते-खेलते परिवार पर दुखों को पहाड़ टूट पड़ा। इस दुर्घटना से मिली प्रेरणा की बदौलत ही उन्‍होंने समाज को नशा मुक्‍त करने का बीड़ा उठाया है और आज खुशी की बात यह है कि इस अभियान की बदौलत सैंकड़ों युवा नशा नहीं करने का संकल्‍प ले चुके हैं।

            नशा मुक्‍त युवा भारत आंदोलन के प्रणेता नारायण लाल ने यह भी बताया कि सिर्फ़ नशा ही नहीं अपितु मृत्‍यु भोज भी एक ऐसी सामाजिक कुरीति है जो अधिकांश परिवारों का जीवन स्‍तर कभी ऊपर नहीं उठने देती। क्‍योंकि होता यह है कि अमीर लोगों की देखादेखी गरीब व्‍यक्ति भी अपने परिवार में किसी बुजुर्ग की मौत होने पर मृत्‍युभोज का आयोजन करने के लिए साहूकार से कर्ज लेता है और कर्ज का सिर्फ़ ब्‍याज चुकाने में ही उसकी पूरी उम्र गुजर जाती है। बाद में यह कर्ज उसके बेटों पर आ जाता है और सिलसिला पिढि़यों तक ऐसे ही चलता रहता हैं। वर्तमान में भीलवाड़ा जिले में अ‍केला जाट समाज ही मृत्‍युभोज पर प्रतिवर्ष चार सौं करोड़ रूपये खर्च कर देता हैं। जिसे रोकने के लिए वो पूरा प्रयास कर रहे हैं।