10वीं कक्षा तक शिक्षा होगी अनिवार्य, बैठक में हुआ फैसला

Tue 16 Jan 18  9:47 am

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने शिक्षा के अधिकार कानून का दायरा बढ़ाकर 10वीं कक्षा तक शिक्षा अनिवार्य करने की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (केब) की सोमवार को हुई बैठक के पहले दिन ज्यादातर राज्यों में इस प्रस्ताव पर सहमति दिखी। हालांकि, कुछ राज्य चाहते थे कि इस मुद्दे पर और विमर्श किया जाना चाहिए। बैठक के बाद मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस मुद्दे पर केंद्र एवं राज्यों के बीच में चर्चा हुई है। अभी और चर्चा होगी। यह प्रस्ताव विचाराधीन है। इसके लिए कानून में भी संशोधन करने की जरूरत है। यह पूछे जाने पर कि इस मुद्दे पर राज्यों का क्या दृष्टिकोण है, उन्होंने कहा कि चर्चा हुई है। आगे विचार करेंगे। बता दें कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) को नर्सरी से लेकर 10वीं तक विस्तारित करने का प्रस्ताव है। जबकि अभी यह पहली से आठवीं कक्षा तक लागू है। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, उपलब्धता सुनिश्चित कराने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक में 22 राज्यों के शिक्षा मंत्री तथा बाकी के अधिकारी मौजूद थे। कई अन्य केंद्रीय मंत्री भी बैठक में थे। मंगलवार को बैठक में उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। ऑपरेशन डिजिटल बोर्ड चलेगा जावड़ेकर ने कहा कि बैठक में एक संकल्प पारित किया गया कि हर स्कूल में डिजिटल बोर्ड होगा। उन्होंने कहा कि पांच दशक पहले ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड की ऐसे ही शुरुआत हुई थी। अब वक्त बदल गया है तथा हर स्कूल में एक डिजिटल बोर्ड होगा जिसकी शुरुआत हर स्कूल में की जाएगी। केंद्र एवं राज्य सरकारों ने इस दिशा में कार्य करने पर सहमति प्रकट की है। इसके जरिये छात्रों को डिजिटल तरीके से शिक्षा प्रदान की जाएगी। स्कूछ से छूटे बच्चे के लिए अभियान शिक्षा के अधिकार कानून के तहत स्कूल से छूटे बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए सितंबर में अभियान चलेगा। जुलाई-अगस्त में स्कूलों में प्रवेश होने के बाद जो बच्चे छूट जाएंगे, उन्हें स्कूलों में लाने के लिए सितंबर में प्रवेश दिये जाएंगे। इस मुद्दे पर राज्यों ने सहमति प्रकट की है। कश्मीर एनसीईआरटीई की किताबें पढ़ाएगा जावड़ेकर ने कहा कि कई राज्यों ने एनसीईआरटी की किताबों को अपनाया है। इस बैठक में जम्मू-कश्मीर ने भी इन किताबों को अपनाने का फैसला किया है। साथ ही कश्मीर के स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने के आवेदनों को भी मंजूरी देने का फैसला किया गया।