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4 योगासन जो दिला सकते हैं पीठ दर्द से आराम, नहीं जाना पड़ेगा डॉक्टर के पास...

4 योगासन जो दिला सकते हैं पीठ दर्द से आराम, नहीं जाना पड़ेगा डॉक्टर के पास...

क्या आप की पीठ में भी अक्सर दर्द रहता है? अगर आप दवाइयों से लेकर एक्सरसाइज़ आज़मा चुके हैं, तो एक योग को भी ट्राई करें। अगर आप योग का अभ्यास रोज़ाना कुछ मिनटों के लिए भी करेंगे, तो भी आपके शरीर पर इसका पॉज़ीटिव असर पड़ेगा। इससे आपको पता चलेगा कि शरीर का कौन सा हिस्सा स्टिफ है और कहां आपको संतुलन बनाने की ज़रूरत है।

पीठ दर्द की समस्या आजकल बहुत आम है। हर दूसरा व्यक्ति इस समस्या से जूझ रहा है। इसके पीछे कई कारण हैं, जिसे घंटों लैपटॉप पर काम करने से लेकर खराब पॉश्चर ज़िम्मेदार हैं। अगर योग अभी तक आपने नहीं आज़माया है तो इसे ज़रूर करें।

पीठ दर्द के लिए बेस्ट योगासन:

1. मार्जरासन

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इस आसन के ज़रिए आप रीढ़ को स्ट्रेच कर सकते हैं। इस पोज़ को करने से आपके सीने और पेट का हिस्सा भी स्ट्रेच होगा, साथ ही कंधे और गर्दन भी।

इसे कैसे करें:

सबसे पहले योगा मैट पर खड़ें हों और फिर हाथों और घुटनों पर बेंड हो जाएं। इसके बाद अपने कंधों और कूल्हों के नीचे कलाई और घुटनों को रखें। ऐसा करते वक्त आपके शरीर का वज़न दोनों कलाइयों और घुटनों पर एक जैसा होना चाहिए। अपना सिर उठाते हुए सांस अंदर लें और पेट को मैट की ओर नीचे लाएं।

अपनी ठुड्डी को अपनी छाती से लगाते हुए सांस छोड़ें। अपनी रीढ को ऊपर की ओर बेंड करें। इस आसन को एक मिनट तक करें।

2. जठर परिवर्तनासन

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यह आराम देने वाला ट्विस्ट रीढ़ और पीठ में गति और गतिशीलता को प्रोत्साहित करता है। यह आपकी पीठ, रीढ़ और कंधों को स्ट्रेच करता है। इस मुद्रा का अभ्यास करने से पीठ और कूल्हे के दर्द और जकड़न से राहत मिल सकती है। साथ ही इस आसन को करने से पेट की कई समस्याओं से लाभ मिल सकता है। वहीं किडनी की समस्याओं से भी राहत मिलती है।

कैसे करें:

पीठ के बल लेट जाएं। आपके घुटने सीने के पास होने चाहिए और हाथ बगल में होने चाहिए। अपने हाथों को जमीन पर टिकाएं। अब अपने दोनों हाथों को जमीन के सहारे सीधा खोलें और कंधों के समांतर लेकर आएं। अब दोनों पैरों को घुटनों को सीधा रखते हुए 90 डिग्री कोण बनाते हुए अपने दाई और लेकर जाएं। आपका सर और शरीर सामने की ओर होना चाहिए। केवल आपकी टांगें दाई और होने चाहिए। जैसा की ऊपर तस्वीर में दिखाया जाए। आपका चेहरा और पैर विपरीत दिशा में होने चाहिए। गर्दन को सीधा रखें और लंबी सांस लेते रहें। इस पोज़ को 30 सेकेंड के लिए होल्ड करें। फिर ऐसा ही दूसरी तरफ भी करें।

 

3. भुजंगासन

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इस योगासन में कमर को हल्का मोड़ना पड़ता है, लेकिन यह हल्का सा बेंड आपकी स्पाइन और कूल्हे को मज़बूत बनाने का काम करता है। यह छाती, कंधों और पेट को स्ट्रेच करता है। साथ ही तनाव को कम करने का काम भी कर सकता है।

इसे कैसे करें:

भुजंगासन के लिए पेट के बल ज़मीन पर लेट जांए। दोनों पैरों को सीधा कर मिला लीजिए। फिर दोनों हाथों की कोहनियों को कंधे के नीचे लाएं और हथेलियों को फ्लोर पर रखें। इसके बाद हाथ की मदद से सीने और सिर को धीरे-धीरे उठाएं। पीठ को सपोर्ट देते हुए पेट को उठाएं। सीधे रहें और सामने देखते रहें। इस पोज़ को 5 मिनट तक होल्ड करें या फिर जब तक आप सहज महसूस कर रहे हैं।

4. उत्ताना शिशुसन

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यह आसन रीढ़ की हड्डी को स्ट्रेच करता है, पीठ की मांसपेशियों में रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है और तनाव से राहत देता है।

कैसे करें:

इस आसन को शुरू करने से पहले, योगा मैट बैठें और फिर टेबलटॉप पोज़ीशन लें, जिसमें आपके कंधे कलाई पर टिके हों। घुटनों को मोड़ें। फिर हाथों को अपने सामने लाएं और सीने को फ्लोर तक लाएं। अपने कूल्हों को घुटनों के ऊपर पोज़ीशन करें। अपने हाथों और कंधों के बीच जगह रखें। अब, अपनी ठुड्डी को छाती की ओर टेकें और अपने माथे को नीचे लाएं ताकि जितना हो सके खुद को बिना तनाव के ज़मीन को छुएं। ऐसा करते समय, नाक से गहरी सांस लें और साथ ही मुंह से धीरे-धीरे सांस छोड़ें। अगर आप इस आसन को पहली बार कर रहे हैं, तो इसे 10-12 सेकेंड तक ही रखें।

हालांकि, योग करने की सलाह उन लोगों को नहीं दी जाती, जो तेज़ दर्द से जूझ रहे हैं। अगर आपका पीठ दर्द आम है, तो योग के स्ट्रेच आपकी इस दर्द से छुटकारा दिला सकते हैं। साथ ही यह आपकी मांसपेशियों को मज़बूत करने का काम भी करता है।

कितने दिन में दिख सकता है असर?

योग 3000 साल पुरानी परंपरा और एक प्रकार की पूरक औषधि है। अगर आप इन आसन को रोज़ाना 10 से 15 दिनों तक करते हैं, तो आपका इसके परिणाम दिखने शुरू हो जाएंगे।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।