boltBREAKING NEWS
  • भीलवाड़ा हलचल के नाम पर किसी को जबरन विज्ञापन नहीं दें और धमकाने पर सीधे पुलिस से संपर्क करें
  •  
  •  

कर्मों का फल व्यक्ति को स्वयं भोगना पड़ता है- आचार्य महाश्रमण

कर्मों का फल व्यक्ति को स्वयं भोगना पड़ता है- आचार्य महाश्रमण


 चित्तौड़गढ़( हलचल प्रकाश चपलोत)  जैन धर्म के प्रभावक आचार्य अहिंसा यात्रा प्रणेता पूज्य आचार्य महाश्रमण के पावन सानिध्य में मेवाड़ स्तरीय स्वागत समारोह का आयोजन हुआ। 10 वर्षों पश्चात मेवाड़ पधारे शांतिदूत श्री महाश्रमण के स्वागत हेतु आज मेवाड़ के कोने-कोने से हजारों श्रद्धालु समागत थे। शांति भवन, सेंती में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता व राजस्थान के पूर्व गृह मंत्री  गुलाब कटारिया, सांसद  सी.पी. जोशी आदि कई विशिष्ट जनों ने पूज्य आचार्य  महाश्रमण का अभिनंदन किया।
मंगल प्रवचन में गुरुदेव ने कहा- व्यक्ति इस दुनिया में अकेला आता है और अकेला चला जाता है। परिवार, स्वजन,मित्र आदि भी उस समय साथ नहीं होते जब कर्म भोगने पड़ते हैं। अपने किए गए कर्मों का फल व्यक्ति को स्वयं भोगना पड़ता है। आत्मा के साथ उसके कर्म और किया गया धर्म रहता है। इसीलिए जीवन में यह सूत्र अपनाएं कि सद्भावना सबके साथ रखें बुरा किसी का भी ना करें। आचार्य श्री ने आगे कहा कि- अपने देह से भी हमें ममत्व नहीं रखना चाहिए। व्यक्ति सोचता है यह मेरा वह मेरा किंतु व्यवहार की दुनिया में देखे तो आज अपने भी मौका आने पर धोखा दे देते हैं। यह मकान, धन-संपत्ति मरने के बाद सब यही रह जाता है। इसीलिए समय जितना सात्विक धर्मयुक्त क्रियाओं में लग सके, लगाना चाहिए।
मेवाड़ स्तरीय स्वागत समारोह के संदर्भ में आचार्य श्री ने कहा- इस बार बहुत लंबी यात्रा कर मेवाड़ आए हैं। भीलवाड़ा चातुर्मास भी सम्मुख है। मेवाड़ प्रवास में सभी जितना हो सके धार्मिकता,आध्यात्मिकता में उन्नति करें। राज्य में भी नैतिकमूल्यों से युक्त, भ्रष्टाचार मुक्त गतिविधियां चले। राजनीति से जुड़े कई महानुभव यहां है। ऐसा प्रयास रहे की प्रदेश की जनता में सद्भावना, नैतिकता एवं नशामुक्ति का संदेश जीवन में उतरे तो राज्य और विकास कर सकता है।
पूर्व गृहमंत्री कटारिया जी ने कहा- वर्तमान युग में आज आपके संदेशों की बहुत बड़ी आवश्यकता है। आचार्य श्री अहिंसा यात्रा द्वारा लोक कल्याण का महान कार्य कर रहे हैं। और मुझे विश्वास है आपके प्रवास से प्रदेश में धर्म की एक नई अलख जागेगी।
इस अवसर पर आचार्य श्री महाश्रमण चातुर्मास प्रवास व्यवस्था समिति भीलवाड़ा के अध्यक्ष प्रकाश सुतरिया सहित मौजूद थे। मेवाड़ कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष  राजकुमार फत्तावत, महासभा ट्रस्टी महेंद्र कोठारी , अध्यक्ष अजीत ढिलीवाल, तेरापंथ युवक परिषद तुषार सुराणा, महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती विनीता सेठिया अंकित श्रीश्री माल ने विचार व्यक्त किए।
    तेरापंथ सभा अध्यक्ष  अजीत ढिलीवाल के अनुसार आचार्य महाश्रमण मंगलवार को सुबह 6:30 बजे शांति भवन से विहार 7 बजे के लगभग महाश्रमण सेतु ब्रिज का नामकरण में हिस्सा लेंगे इसके पश्चात 7:30 बजे तेरापंथ सभा भवन में संक्षिप्त उद्बोधन देते हुए पुठोली की ओर विहार करेंगे जहां इनका प्रवास स्थल स्कूल में रहेगा । यह जानकारी मीडिया प्रभारी रजनीश खाब्या द्वारा प्रदान की गई ।

कर्मों का फल व्यक्ति को स्वयं भोगना पड़ता है- आचार्य महाश्रमण