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संस्कृत को गूगल अनुवाद में जोड़ा 

संस्कृत को गूगल अनुवाद में जोड़ा 

निंबाहेड़ा हलचल न्यूज

सर्च इंजन गूगल ने संस्कृत सहित आठ भारतीय भाषाओं को गूगल ट्रांसलेट में जोड़ दिया है। इंटरनेट फर्म लगातार अपने ऑनलाइन ट्रांसलेशन प्लेटफॉर्म पर कई क्षेत्रीय भाषाओं को जोड़ रही है। विश्वविद्यालय प्रवक्ता डॉ मृत्युञ्जय तिवारी ने बताया कि गूगल रिसर्च के सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर आइजैक कैसवेल ने एक  इंटरव्यू में बताया कि संस्कृत गूगल ट्रांसलेट में नंबर वन और सबसे ज्यादा रिक्वेस्ट की जाने वाली भाषा है और अब हम इसे आखिरकार जोड़ रहे हैं। हम पूर्वोत्तर भारत से पहली बार भाषाओं को जोड़ रहे हैं। संस्कृत के अलावा गूगल ट्रांसलेट के लेटेस्ट प्रोग्राम में अन्य भारतीय भाषाएं असमिया, भोजपुरी, डोगरी, कोंकणी, मैथिली, मिजो और मेइतिलोन मणिपुरी  हैं। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने 11 मई को गूगल आई/ओ 2022 इवेंट में 24 नई भाषाओं को गूगल ट्रांसलेट में जोड़ने का ऐलान किया है। मतलब अगर अब आपको हिंदी या अंग्रेजी जैसी भाषाएं नहीं आती हैं, तो आप इन भाषाओं को अपनी लोकल लैंग्वेज जैसे भोजपुरी, डोंगरी, मैथली और संस्कृत में ट्रांसलेट कर पाएंगे। देववाणी अब हर किसी को आसानी से मिल सकेगी। इसीलिए श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय ने गूगल का धन्यवाद किया ।

पूरा सही अनुवाद मिलेगा

रियल टाइम ट्रांसलेशन के लिए गूगल ने मशीन लर्निंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिससे बिना किसी गलती के सटीक ट्रांसलेशन मौजूद हो सके। सुंदर पिचाई ने कहा कि अभी तक अंग्रेजी को फ्रेज को हिंदी में ट्रांसलेशन करने पर उसका अर्थ बिगड़ जाता था, लेकिन मशीन लर्निंग की मदद से इसे दूर किया जा सकेगा। कुल 133 गूगल की भाषाओं में भारतीय भाषाओं की संख्या 19 हो गई है। इस पर श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय परिवार ने गूगल के पूरी टीम के साथ सीईओ का धन्यवाद ज्ञापन किया।