boltBREAKING NEWS
  •  
  • रहें हर खबर से अपडेट भीलवाड़ा हलचल के साथ
  • भीलवाड़ा हलचल पर समाचार या जानकारी भेजे [email protected]
  • सबसे ज्यादा पाठकों तक पहुँच और सबसे सस्ता विज्ञापन सम्पर्क करें  6377 364 129
  •  

आदिनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव मनाया

आदिनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव मनाया

भीलवाड़ा (हलचल)। बैण्डबाजों के दिव्यघोष, ढोल नगाड़ों की ध्वनि के साथ दिगंबर जैन समाज ने सोमवार सुबह प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव मनाया। श्रीआदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेश गोधा ने बताया कि कोरोना के कारण प्रभातफेरी निरस्त की गई। सुबह 6.30 बजे नित्य अभिषेक के बाद 108 रिद्धी मंत्रों से सुत्रमति माताजी के गृहस्थ जीवन के परिजन मुंबई निवासी अमित एवं सुनील बडज़ात्या ने मूलनायक प्रतिमा आदिनाथ भगवान का महामस्तकाभिषेक किया गया। इसके उपरान्त स्वर्ण झारी से शांतिधारा की गई। इस समय विकसन्त सागर एवं सुत्रमति माताजी ससंघ उपस्थित थे।
इस अवसर पर विकसन्त सागर महाराज ने कहाकि करोडों वर्ष पूर्व आदिनाथ भगवान का जन्म कुलंकर नाभीराय के घर हुआ। भगवान का जन्म कल्याण मनाने स्वयं सौधर्म इन्द्र हजारों इन्द्रों के साथ मध्यलोक में आया एवं मेरु शिखर पर ले जाकर 1008 कलशों से बालक भगवान का अभिषेक किया। उन्होंने कहा कि आदिनाथ भगवान ने ही अपने राज्य काल में प्रजा को खेती बाड़ी, व्यापार, युद्ध कला आदि 64 विद्याओं का ज्ञान दिया। राज्य काल के दौरान आदिनाथ भगवान ने अपनी पुत्री ब्राह्मी एवं सुन्दरी को अंकगणित एवं लिपि की शिक्षा दी। इस प्रकार से उसी नाम से ब्राह्मी लिपि प्रसिद्ध हुई। उपाध्यक्ष सुन्दर कोठारी ने बताया कि धर्मसभा का प्रारम्भ खेमराज कोठारी, ज्ञानचन्द पाटनी, मीठालाल कोठारी, नरेश गोधा, मनरुप सेठी, महेन्द्र बाकलीवाल एवं संत कुमार पाटनी ने द्वीप प्रज्जवलन किया एवं श्रीफल भेंट किए। शाम पांच बजे विकसन्त सागर महाराज ने ससंघ आर के कॉलोनी से नेमीनाथ मंदिर सुभाषनगर के लिए विहार किया।