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बगैर सक्षम स्वीकृति के प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी करने पर जिला परिषद के दो कार्मिकों के खिलाफ  मुकदमा दर्ज

बगैर सक्षम स्वीकृति के प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी करने पर जिला परिषद के दो कार्मिकों के खिलाफ  मुकदमा दर्ज

भीलवाड़ा (हलचल)। महात्मा गांधी नरेगा योजना के अन्तर्गत डीपीसी के रूप में सक्षम स्वीकृति देने हेतु अधिकृत जिला कलक्टर शिवप्रसाद एम नकाते की ओर से सक्षम स्वीकृत दिए बिना 34 कार्यों का जिला कलक्टर की निजी आईडी से दुरूपयोग करने पर कलक्टर के निर्देशानुसार अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) वंदना खोरवाल की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर प्रकरण की जांच की गई।
कमेटी द्वारा की गई जांच रिपोर्ट में जिला कार्यक्रम समन्वयक व जिला कलक्टर की सिक्योर सॉफ्ट निजी आईडी का दुरुपयोग कर भीलवाड़ा जिला परिषद के एमआईएस पद पर कार्यरत संविदा कार्मिक अभिषेक पांडे एवं माण्डल पंचायत समिति में कनिष्ठ पद पर कार्यरत संविदा कार्मिक महेश खोईवाल ने स्वयं के निजी लाभ हेतु बगैर सक्षम स्वीकृति के वित्तीय प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी।
जिला कलक्टर के निर्देशानुसार जिला परिषद के सीईओ रामचंद्र बैरवा की ओर से शहर के कोतवाली थाने में दोनों कार्मिकों की ओर से मिलीभगत कर अपराधिक न्यास भंग करने, छल कारित करने, दस्तावेजों की कूट रचना करने के अपराधिक कृत्य किए जाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
इससे पूर्व जांच रिपोर्ट में पाया गया कि ये दोनों कार्मिकों द्वारा कोटड़ी पंचायत समिति के विकास अधिकारी की आईडी पर व्यक्तिगत लाभ के 34 कार्यों की तकनीकी स्वीकृतियों के अग्रेषित करने एवं विकास अधिकारी की आईडी से भी जिला कार्यक्रम समन्वयक की आईडी पर अग्रेषित करने एवं माण्डल पंचायत समिति के कनिष्ठ तकनीकी सहायक चेतन दीक्षित के लैपटॉप से जिला कार्यक्रम समन्वयक की आईडी का उपयोग करते हुए व्यक्तिगत लाभ के 34 कार्यों को जिला कार्यक्रम समन्वयक की आईडी से बिना सक्षम स्वीकृति के अनुमोदन करने के दोषी है।
जिला कलक्टर ने जिला परिषद के सीईओ को समस्त कार्यों का विहंगम एवं समुचित पर्यवेक्षण के उत्तरदायित्व के अभाव में कोटड़ी पंचायत समिति के तत्कालीन विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार सेन एवं इसी पंचायत समिति के पूर्व विकास अधिकारी संजय कुमार एवं जिला परिषद के अधिशासी अभियंता मनरेगा के विरूद्ध 17 सीसीए 1958 के नियमों के तहत चार्जशीट सौंपकर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। नकाते ने कहा कि सरकारी मशीनरी का गलत दुरूपयोग करने वाले पर भविष्य में भी कड़ी कार्यवाही की जाएगी।