बेहतर तैयारी से मौतों के आंकड़े भी कम किए जा सकते हैं। तीसरी लहर में मौत के आंकड़ों में 40 हजार तक किया जा सकता है ये अभी 1.7 लाख है।   " /> बेहतर तैयारी से मौतों के आंकड़े भी कम किए जा सकते हैं। तीसरी लहर में मौत के आंकड़ों में 40 हजार तक किया जा सकता है ये अभी 1.7 लाख है।   " />
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कोरोना: तीसरी लहर 98 दिन तक रह सकती है, एक रिपोर्ट में बताया गया कि मौत से बचना है तो क्या करना चाहिए?

कोरोना: तीसरी लहर 98 दिन तक रह सकती है, एक रिपोर्ट में बताया गया कि मौत से बचना है तो क्या करना चाहिए?

देश में कोरोना की दूसरी लहर का पीक खत्म हो चुका है। अब रोजाना केस की संख्या कम हो रही है। इस बीच तीसरी लहर को लेकर लोग चिंतित हैं। ऐसे में एसबीआई की एक राहत देने वाली रिपोर्ट आई है, जिसके मुताबिक, तीसरी लहर भी दूसरी की तरह ही खतरनाक होगी, लेकिन सही तरीके से तैयारी की जाए तो संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या को कम किया जा सकता है। 

98 दिन तक रहेगी कोरोना की तीसरी लहर

 कई देशों में कोरोना की तीसरी लहर को औसत अवधि 98 दिन है और दूसरी लहर 108 दिन। ऐसे में दूसरे देशों से मिले अनुभव के आधार पर बताया गया है कि तीसरी लहर की तीव्रता भी दूसरी की तरह ही होगी। हालांकि यह भी देखा गया है कि तीसरी लहर में अगर बेहतर तरीके से तैयारी की जाए तो गंभीर मामलों में मौत से बचा जा सकता है। 98 दिन तक रहेगी कोरोना की तीसरी लहर
कई देशों में कोरोना की तीसरी लहर को औसत अवधि 98 दिन है और दूसरी लहर 108 दिन। ऐसे में दूसरे देशों से मिले अनुभव के आधार पर बताया गया है कि तीसरी लहर की तीव्रता भी दूसरी की तरह ही होगी। हालांकि यह भी देखा गया है कि तीसरी लहर में अगर बेहतर तरीके से तैयारी की जाए तो गंभीर मामलों में मौत से बचा जा सकता तैयारी से क्या-क्या फायदा होगा?& रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर तीसरी लहर से पहले तैयारी की जाएगी गंभीर केस 20 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत पर आ जाएंगे। इसके लिए स्वास्थ्य सेवा और सुविधाओं को मजबूत करना होगा। वैक्सीनेशन अभियान को तेज करने की जरूरत है।

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तैयारी से क्या-क्या फायदा होगा?
रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर तीसरी लहर से पहले तैयारी की जाएगी गंभीर केस 20 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत पर आ जाएंगे। इसके लिए स्वास्थ्य सेवा और सुविधाओं को मजबूत करना होगा। वैक्सीनेशन अभियान को तेज करने की जरूरत है।

बेहतर तैयारी से मौतों के आंकड़े भी कम किए जा सकते हैं। तीसरी लहर में मौत के आंकड़ों में 40 हजार तक किया जा सकता है ये अभी 1.7 लाख है>बेहतर तैयारी से मौतों के आंकड़े भी कम किए जा सकते हैं। तीसरी लहर में मौत के आंकड़ों में 40 हजार तक किया जा सकता है ये अभी 1.7 लाख है।