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मनुहार का कच्चा है कोरोना.. सब जुटे है बुलाने में, तो जल्द आएगा तीसरी लहर के साथ

मनुहार का कच्चा है कोरोना.. सब जुटे है बुलाने में, तो जल्द आएगा तीसरी लहर के साथ

भीलवाड़ा। ( सुशील चौहान) । दो बार आकर कई  परिवारों में तबाही के निशान छोड़ गया कोरोना यूं *मनुहार* का काफी कच्चा है और जिस तरह से लॉक डाउन हटाते ही लोग घरों से निकल कर कोई बाजार, कोई पर्यटन,कोई शादी ब्याह, तो कोई *अंधभक्त* होकर भीड़ का हिस्सा बनकर *कोरोना की मनुहार* कर रहा है। इससे लगता है कि कोरोना अपने  तीसरे रूप में जल्द ही *प्रकट* होने वाला है। आखिर उसकी मान मनुहार करने के लिएकोरोना गाईड लाइन की फुल धज्जियां उड़ाकर हम में से  ही लोग जा रहे है लेकिन वे ये नहीं समझ रहे कि कोरोना को बुलावा देकर वे ख़ुद के लिए ही नहीं सारी मानवता के लिए आत्मघाती कदम उठा रहे है। सरकार और प्रशासन तो हर बार गाईड लाइन का हवाला देकर  सुरक्षित रहने और सुरक्षा के उपाय अपनाने का आग्रह करते है लेकिन लापरवाही करने वालों के लिए यह अपीलें *विज्ञापन मात्र* है। देश भर में कोरोना के नए रोगी बढ़ने लगे है। अब यह आंकड़ा तेजी से बढ़ेगा और हालात फिर से कोरोना महामारी का रोना  रोने के बनेंगे। हालांकि तब भी कोई नहीं कहेगा कि यह हालत हमारी गलती का ही नतीजा है। दोष देंगे कोरोना को। जिसे हमने ख़ुद आने पर मजबूर किया है। आज भी जिधर नज़र डालिये भीड़ ही भीड़ है और कोरोना को बुलावे के संकेत। नहीं है तो *मास्क* नहीं है। *सेनेटाइजर* नहीं है और *दो ग़ज़ की दूरी* नहीं है। यह हो तो कोरोना की क्या *मझाल* जो फिर से फटक जाए लेकिन हम पूरी मनुहार के साथ कोरोना को बुला रहे है। तो वो जल्द ही आएगा और हमें याद दिलाएगा वो पुराने दिन जिसमें हम सब दौडेंगे *सीटी चेस्ट* कराने को। अस्पतालों में *आक्सीजन युक्त बेड* पाने को। बाजार से गायब हुई *दवाइयां* ओर *इंजेक्शन* पाने को। ओर नहीं मिली तो *ठीकरा* फोड़ेंगे प्रशासन पर।
यह यानी जुलाई और अगस्त का महीना बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। क्योंकि श्रावण मास इसी माह शुरू होगा। कई धार्मिक आयोजन होंगे। लोग आराधना व इबादत करेंगे। मुख्यमंत्री गहलोत ने कह दिया हैं कि लोगों को कोरोना से बचना हैं तो घरों में रहकर ही आराधना और इबादत करें। बहनें भाईयों की कलाई पर *राखी* भी बांधेगी तो *गोविंद आला ले आला* और *चातुर्मास *भी होगा। और अगर मानसून ने मेहरबानी कर दी और तालाब,बांध लबालब हो गए तो हम अपने स्वभाव के मुताबिक गोवटा बांध,मेजा,मेनाल,त्रिवेणी में  सारी गाइडलाइंस को दरकिनार कर डूबकी लगाने और दाल बांटी चूरमे का आनंद लेने जरूर जाएंगे और साथ में लाएंगे मनुहार के कच्चे कोरोना को।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार लोगों को सावधान कर रहे हैं और कह रहे हैं कोरोना अभी गया नहीं हैं। सावधानी में ही समझदारी हैं।
इसलिए संभल जाओ। हम और आप  रहेंगे तो कई *सावन* देखने को मिलेंगे। *बांध तालाब* फिर भी लबालब होंगे और भाई प्रशासन तो समझा रहा हैं और समझाता रहेगा। संभलना आपको ही हैं।