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कोरोना का कहर- एक दिन में 14 मौतें, बेड नहीं मिलने से कोई रास्ते में तो कोई अस्पताल की दहलीज पर तोड़ रहा है दम !

कोरोना का कहर- एक दिन में 14  मौतें, बेड नहीं मिलने से कोई रास्ते में तो कोई अस्पताल की दहलीज पर तोड़ रहा है दम !

 भीलवाड़ा( हलचल)। कोरोना का भीलवाड़ा में खतरनाक रुप देखने को मिल रहा है, एक और जहां अस्पतालों में संक्रमितों और संदिग्धों की भारी भीड़ है। वहीं हर दिन बड़ी संख्या में रोगी निकलकर सामने आ रहे हैं। इसके चलते अब अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड की मांग बढ़ चुकी है। मरीजो को ऑक्सीजन की जरूरत के बाद भी अस्पतालों में बेड नहीं मिल पा रहे हैं। नतीजन कोई अस्पताल के दहलीज पर तो कोई  एक से दूसरे अस्पताल में बेड की तलाश में भटकते हुये दम तोड़ रहे हैं।  गुरुवार को शहर के जिला अस्पताल में आठ, जबकि निजी अस्पताल में ४ और बेड़ नहीं मिलने से दो लोगों मे से एक ने अस्पताल के बाहर वैन में ही, जबकि दूसरे ने अजमेर ले जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया।  इनमें कोरोना पॉजिटिव और संदिग्ध मरिज शामिल हैं। जो मरीज सामने आ रहे हैं, उनमे  कोरोना के सारे गंभीर लक्षण है।
चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार, कोरोना संक्रमण के चलते जिला अस्पताल में मरिजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। गंभीर रोगियों को भर्ती किया जा रहा है तो सामान्य रोगियों को होमआइसोलेशन या अन्य अस्पतालों में भेजा जा रहा है। गुरुवार को जिला अस्पताल में आठ लोगों की जान गई। इनमें संक्रमित रोगी व संदिग्ध रोगी शामिल हैं। इसके अलावा एक स्कूल के प्रधानाध्यापक, संजय कॉलोनी और नंदराय के एक व्यक्ति ने निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

वेंटीलेटर की जरुरत पड़ी तो निजी से सरकारी अस्पताल ले जाते समय गई जान
शहर के एक निजी अस्पताल में सांस में तकलीफ को लेकर भर्ती मरिज को गुरुवार को वेंटीलेटर की जरुरत पड़ी, लेकिन निजी अस्पताल में वेंटीलेटर खाली नहीं था। ऐसे में इस मरिज को निजी अस्पताल से महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

 परिजन बेड की तलाश में गये, वैन में तोड़ दिया मरिज ने दम
स्वरुपगंज के आस-पास के एक व्यक्ति को गुरुवार को हालत बिगडऩे पर परिजन शहर के एक निजी अस्पताल में ले गये, लेकिन वहां कोई बेड खाली नहीं था। ऐसे में मरिज को अन्यत्र ले जाने की बात अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों से कही। परिजन, मरिज को वैन में ही छोड़कर बेड की तलाश में अन्य अस्पतालों में गये, लेकिन वहां भी उन्हें कोई बेड खाली नहीं मिला। ऐसे में थक हार कर परिजन कुछ देर बाद जब वापस लौटे तब तक मरिज की मौत हो चुकी थी। यह व्यक्ति कोरोना संदिग्ध बताया जा रहा है।

 बेड़ नहीं मिला, अजमेर पहुंचने से पहले मरिज की मौत

अजमेर जिले के केकड़ी क्षेत्र के एक व्यक्ति को हालत बिगडऩे पर गुरुवार को परिजन भीलवाड़ा के एक निजी अस्पताल लेकर आये, लेकिन यहां बेड नहीं मिलने से उसे परिजन अजमेर ले जाने के लिए रवाना हुये, लेकिन यह मरिज भी अजमेर नहीं पहुंच पाया और उसकी रास्ते मे मौत हो गई।
जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में पूर्णा संक्रमित लोग पहुंच रहे हैं लेकिन बेड खाली नहीं होने से उन्हें भर्ती कर पाना संभव नहीं हो रहा है गंभीर मरीजों को जैसे-तैसे ऑक्सीजन दी जा रही है जबकि बिना लक्षण और कम प्रभाव वाले मरीजों को कोविड-१९ सेंटर  रखा जा रहा है निजी अस्पतालों में भी हाथ खाली नहीं मिल पा रहे हैं और जहां खाट का लिए वहां आम लोगों की वॉच नहीं हो पा रही या  वह इतना खर्चा नहीं उठा पा रहे हैं।