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गायों को 300 किलो गुड़ से बनी लापसी खिलाई।

गायों को 300 किलो गुड़ से बनी लापसी खिलाई।

 

 

पारोली।गोपाष्टमी  पर्व भगवान श्रीकृष्ण के प्रथम गौचारण उत्सव के रूप में मनाया जाता है। आज के पावन दिन मैया यशोदा ने भगवान श्रीकृष्ण का श्रृंगार करके उन्हें गौ चारण के लिए प्रथम बार भेजा था। जिस ब्रह्म की चरण रज के लिए ब्रह्मा-शंकर तक तरसते हैं वो चरण गौमाता की सेवा के लिए कंकड़ पत्थर और कुंज-निकुंजों में विचरण करते हैं। 

यह बात पारोली स्थित श्री कृष्ण गौशाला में गोपाष्टमी पर्व पर गौ माता पूजन के अवसर पर मौजूद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संत अवधेश दास महाराज ने कही है।

महाराज ने कहा कि

गौमाता भगवान श्री कृष्ण को सबसे ज्यादा प्रिय हैं। गौ माता की सेवा के कारण ही प्रभु का नाम गोपाल पड़ा। गाय हमारे आराध्य की भी आराध्या हैं। गौ माता में समस्त देवी-देवता निवास करते हैं।

 गौ माता की सेवा परिवार में सुख-शांति, समृद्धि एवं पूर्वजों को सद्गति प्रदायक होती है

 गौमाताओं की सेवा हम समस्त सनातन धर्मावलंबियों का प्रधान कर्तव्य है। गोपाल को रिझाने का एक ही मूल मंत्र है और वह है गौमाता की सेवा। 

 गोपाष्टमी के इस पावन दिवस पर गौमाताओं की सेवा का मौजूदा लोगों ने संकल्प लिया।

गौशाला में इस मौके पर हरि बोल संकीर्तन का आयोजन हुआ खाटू श्याम की भी शानदार झांकी  सजाई गई ।

एक से बढ़कर एक शानदार भजनों की प्रस्तुति दी गई ।

गौ माता का सामूहिक पूजा अर्चना  के बाद गायों को 300 किलो गुड़  से बनी  लापसी  खिलाई गई।

इस मौके पर महावीर काबरा ,रामगोपाल चेचानी, चांदमल काबरा,दुर्गेश पाराशर, देवकिशन धाकड़ सहित कई जने मौजूद थे।