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13 जिलों का अलग राज्य बनाने की मांग, 700 किमी की ऊंट महायात्रा निकलेगा मरुप्रदेश निर्माण मोर्चा

13 जिलों का अलग राज्य बनाने की मांग, 700 किमी की ऊंट महायात्रा निकलेगा मरुप्रदेश निर्माण मोर्चा

श्रीगंगानगर की नई धान मंडी में प्रेस वार्ता कर मरुप्रदेश निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष जयवीर गोदारा ने बताया कि 23 जनवरी से मोर्चा श्रीगंगानगर से लेकर जयपुर तक ऊंटों की महायात्रा निकालेगा।राजस्थान में ऊंट महायात्रा की शुरुवात श्रीगंगानगर में जनसभा करके होगी। जिसमें हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला,किसान नेता और एक्ट्रेस सोनिया मान, राजस्थान विधानसभा के पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल, पूर्व विधायक रणवीर गुढ़ा, पूर्व कैबिनेट मंत्री चंद्रराज सिंघवी सहित कई बड़े जनप्रतिनिधि शिरकत करेंगे। जनसभा के बाद सैकड़ों ऊंट गाड़ियों, ट्रैक्टरों,गाड़ियों और पैदल भी लोग जयपुर की तरफ कूच करेंगे।

श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, सीकर होकर जयपुर पहुंचेगी ऊंट यात्रा
मरुसेना के अध्यक्ष जयन्त मूण्ड उदयपुरवाटी ने बताया कि किसान आंदोलन में 700 से ज़्यादा किसान शहीद हो गए थे। उनकी याद में और नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की जयंती के उपलक्ष्य पर मरुप्रदेश निर्माण को लेकर यात्रा की शुरुवात की जा रही है। मरुप्रदेश निर्माण मोर्चा साल 2009 में भी बीकानेर से जयपुर तक हजारों ऊंट गाड़ियों के साथ यात्रा कर चुका है। 

इस बार पहले वाली यात्रा से बड़ी यात्रा होगी।  मरुप्रदेश निर्माण मोर्चा पिछले 13 सालों से पश्चिमी जिलों का अलग प्रदेश बनाने को मांग को लेकर संघर्ष कर रहा है। ये यात्रा श्रीगंगानगर से शुरू होकर हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, सीकर से होकर जयपुर पहुंचेगी। केशर सिंह राठौड़ और दुर्जन सिंह ने बताया कि इस यात्रा को लेकर हमने 83 विधानसभाओं में जनजागृति यात्रा की है। जनप्रतिनिधियों का पंच परमेश्वर सम्मेलन किया है। यह यात्रा प्रदेश की सबसे अनूठी और बड़ी यात्रा होगी। 

13 जिलों का अलग मरुप्रदेश राज्य बनाने की मांग
मरुसेना अध्यक्ष जयन्त मूण्ड उदयपुरवाटी ने बताया कि यह महायात्रा 13 जिलों का अलग राज्य बनाने, किसानों की 33 जिंसों को एमएसपी की गारंटी कानून बनवाने, बॉर्डर के एरिया को विशेष राज्य का दर्जा दिलवाने, टोल मुक्त राज्य, आम उपभोक्ताओं को 300 यूनिट और किसानों को मुफ्त बिजली दिलवाने,आम आदमी को आत्मरक्षा के लिए हथियार लाइसेंस जारी करवाने, सैनिक प्रदेश होने पर सैनिकों के परिवारों को सुरक्षा की गारंटी कानून बनवाने, किसान को जमीन का मालिकाना हक दिलवाने, बुजुर्गों को 3000 रुपए बुढापा पेंशन, बेरोजगारों को 10 हजार रुपए बेरोजगारी भत्ता, पेपर माफियाओं, नदी बजरी माफिया और खनिज माफियाओं के खिलाफ टाडा जैसा कानून बनवाने, लड़कियों को पीएचडी तक शिक्षा मुफ्त दिलवाने, शेखावाटी नहर की बजट में घोषणा समेत 33 सूत्रीयों मांगों को लेकर निकाली जाएगी।

यात्रा संयोजक मनिन्दर सिंह मान ने बताया मरुप्रदेश के 13 जिलों में देश का 27 प्रतिशत तेल, सबसे महंगी गैस, खनिज पदार्थ, कोयला, यूरेनियम, सिलिका आदि का एकाधिकार है। एशिया का सबसे बड़ा सोलर हब और पवन चक्कियों से बिजली प्रोडक्शन यहां हो रहा है। इन जिलों से अरबों रुपयों की रॉयल्टी सरकार कमा रही है, लेकिन इन जिलों में पीने का पानी, रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा, स्पोर्ट्स और सैनिक स्कूल, खेतों को नहरों का पानी जैसी समस्यायों से आम जनता जूझ रही है। प्रेस वार्ता में सहदेव कड़वासरा गणेशगढ़, केशर सिंह राठौड़ सिवाना, दुर्जन सिंह भाटी जैसलमेर, टीटू पहलवान, लकी जांगिड़, गुरलाल सिंह मौजूद थे।