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उपनिदेशक ने किया आंगनबाडी केन्द्रों का निरीक्षण, जांचा पोषाहार

उपनिदेशक ने किया आंगनबाडी केन्द्रों का निरीक्षण, जांचा पोषाहार

राजसमन्द (राव दिलीप सिंह ) उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग राजसमंद नंदलाल मेघवाल ने जिले के बागपुरा, नोगमा, अमलोई, खेड़ाणा के आंगनबाडी केन्द्रों का निरीक्षण किया एवं कोरोनाकाल में वितरित किये जा रहे पोषाहार जिसमें गेहूं, दाल तथा चना दाल का निरीक्षण एवं सत्यापन किया।

महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक ने बताया कि वर्तमान में आंगनबाडी केन्द्रों पर 0-6 वर्ष के बालकों को 1,250 ग्राम गेहूं, 1,250 ग्राम चावल तथा 2 किलो दाल एवं गर्भवती, धात्री महिलाओं को एवं किशोरी बालिकाओं को 1,500 ग्राम चावल, 1500 ग्राम गेहूं तथा 3 किलो चना दाल पोषाहार वितरित किया जा रहा है। इसके साथ ही आंगनबाडी केन्द्रों पर ए.एन.एम एवं आशा सहयोगिनियों द्वारा किये जा रहे टीकाकरण की समीक्षा की तथा नियमित टीकाकरण के लिये निर्देश दिये। उन्होंने आशा सहयोगिनियों से विटामिन-ए जो बालकों को घर-घर जाकर पिलाई जा रही है तथा घरो में खांसी, सर्दी तथा बुखार के रोगियों को बांटे जा रहे कोरोना कीट की जानकारी ली। उपनिदेशक ने बताया कि कोविड-19 महामारी की संभावित तीसरी लहर से बच्चों की सुरक्षा के लिये सुरक्षात्मक उपाय एवं सर्वे कार्य करने के लिये निदेशालय समेकित बाल विकास सेवायें जयपुर से निर्देश प्राप्त हुए है जिसमें 0-5 वर्ष तक के बच्चों के खाद्य एवं पोषण की स्थिति की निगरानी के लिए प्रतिदिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनी प्रति आगंनबाडी केन्द्र कम से कम 5-5 बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग चार्ट में अंकन करेंगी तथा चिकित्सकीय जटिलता यथा सर्दी, खांसी तथा बुखार वाले बच्चों को नजदीक के अस्पताल में यथा ए.एन.एम या डॉक्टर को परामर्श के लिये भिजवायेगी।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा बच्चों की देखभाल, परामर्श, पूरक पोषाहार, आहार व्यवहार, स्वच्छता की प्रभावी और सतत् निगरानी करेगी साथ ही स्थानीय उपलब्ध स्रोतो के घर में बना गुणवत्ता युक्त खाना, फल, सब्जियां बच्चों को खिलाने के लिये प्रोत्साहित करेगी व बच्चों में संक्रमण होने पर परिवारजनों को मास्क, दो गज दूरी, सेनेटाईजर, हाथ धुलाई पोस्टिक खाना, स्वच्छता आदि के बारे मे सलाह देगी।