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धन उपार्जन हमारा कर्तव्य और संग्रह पाप: संत रामेश्वरानन्द

धन उपार्जन हमारा कर्तव्य और संग्रह पाप: संत रामेश्वरानन्द

  भीलवाड़ा BHN। श्री रामधाम रामायण मंडल ट्रस्ट की ओर से हमीरगढ़ रोड स्थित रामधाम में चल रहे चातुर्मास प्रवचन के अंतर्गत शनिवार को जगन्नाथ पुरी के सन्त रामेश्वरानंद महाराज ने कहा कि धन उपार्जन हम सब का कर्तव्य है लेकिन धन संग्रह करना पाप है। अगर किसी के पास ज्यादा धन हो तो उसे जरूरतमंदों की सेवा में लगाना चाहिए। व्यक्ति के मन में उदारता, विरकत्ता व साधु संतों की सेवा का भाव होना चाहिए। राम धाम में विरक्त संतों की सेवा सराहनीय है। व्यक्ति सदैव राग द्वेष से दूर रहे। धर्म के साथ चलें। सबसे बड़ा हमारा शत्रु काम है, इसे शांत करें। कामवासना हमारे ज्ञान विज्ञान को नष्ट करती है। प्राकृतिक कृपा होगी तो हमारी आरोग्यता बढ़ेगी। आत्म ज्ञान से हम आगे बढ़ सकते हैं। ट्रस्ट के नवरत्न पारीक, राकेश सिंहल, सुभाष बिड़ला, संजीव गुप्ता ने बताया कि राम धाम में श्रावण मास के चलते शिवालय में प्रतिदिन भगवान भोलेनाथ का अभिषेक व श्रृंगार जारी है। शनिवार को रुद्राभिषेक राजेंद्र काबरा कनेरा वाले एवं रोशन लाल तोतला की ओर से किया गया। संत श्री का माल्यार्पण सुरेश चंद्र धनोपिया एवं नानकराम गुर्जर ने किया। प्रसाद वितरण राजेंद्र उपाध्याय ने किया। ट्रस्ट की ओर से साप्ताहिक रामायण पाठ रविवार 7 अगस्त को दोपहर 3 बजे लक्ष्मी नारायण मंदिर में प्रभारी शांतिलाल पोरवाल एवं शिव प्रकाश लाठी की मौजूदगी में होगा। संतोष देवी तोषनीवाल की ओर से 51 भक्तो को लड्डू गोपाल की पौशाकें भेंट की गई।