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रबी फसलों में मृदा नमी संरक्षण द्वारा उत्पादन बढाने की तकनीक पर कृषक प्रशिक्षण आयोजि‍त

रबी फसलों में मृदा नमी संरक्षण द्वारा उत्पादन बढाने की तकनीक पर कृषक प्रशिक्षण आयोजि‍त

भीलवाड़ा ।  बारानी कृषि अनुसंधान केन्द्र, आरजिया, भीलवाड़ा पर आत्मा परियोजना, कृषि विभाग राजस्थान सरकार के तत्वाधान में रबी फसलों में मृदा नमी संरक्षण द्वारा उत्पादन बढाने की तकनीक पर 20 व 21सितम्बर .2022 को दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया जिसमें 30 कृषकों ने भाग लिया। इस अवसर पर रामपाल खटीक, उपनिदेशक कृषि विस्तार, कृषि विभाग राजस्थान, भीलवाड़ा ने कृषकों को खाद, बीज व दवाईयों की खरीद के साथ दुकानदार से बिल लेने व इसकी उपयोगिता पर विस्तार से बताया । साथ ही कृषकों को फसल बीमा योजना से जुड़ने एवं खरीफ फसलों की सेम्पल कटाई के समय विशेष ध्यान रखने पर विस्तृतरूप से जानकारी दी जिससे बीमित फसल में यदि नुकसान हुआ तो उसका समुचित बीमा लाभ लिया जा सके।

डाॅ0 जी.एस. चांवला, परियोजना निदेशक आत्मा, कृषि विभाग, भीलवाड़ा ने किसानों से आवाह्न किया कि सभी किसान प्रत्येक खेत का मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाकर उसी के अनुरूप पौषक तत्वों का प्रयोग करें, उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों के लिये जैविक खेती अपनायें एवं अधिक फसलोंत्पादन के लिये बारानी कृषि अनुसंधान केन्द्र, कृषि विज्ञान केन्द्र, कृषि महाविद्यालय व कृषि विभाग, भीलवाड़ा के  विभिन्न विषय विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त कर लाभ उठावें। उन्होने वर्तमान में पशुओं में फेल रहे लम्पी वायरस के सन्दर्भ में जानकारी दी। केन्द्र के मुख्य वैज्ञानिक डाॅ0 ललित छाता ने रबी फसलों में होने वाले विभिन्न रोगों एवं उनके नियन्त्रण की विस्तृत जानकारी कृषकों को दी। डाॅ0 जे.के. बालियान, शस्य वैज्ञानिक ने रबी फसलोत्पादन हेतु उन्नत किस्म के बीज का चुनाव एवं बीजोपचार, समन्वित खरपतवार नियन्त्रण, फसलों की क्रान्तिक अवस्था पर सिंचाई का महत्व एवं समन्वित फसल पद्धति द्वारा अधिक उत्पादन एवं पूरे वर्ष कृषि कार्यो के बारे में बताया। डाॅ0 रविकान्त शर्मा, मृदा वैज्ञानिक ने विभिन्न पौषक तत्वों का महत्व, पौषक तत्वों को बीज के साथ ऊराई करने की विधि, जैविक खाद का उत्पादन एवं विभिन्न फसलों में सन्तुत उर्वरकों की मात्रा के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। 
    प्रशिक्षण के समापन्न के अवसर पर प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने पर पारितोषिक वितरण किया गया। कार्यक्रम के अन्त में इन्द्रराज घासिल से आयोजकों एवं कृषकों को उत्सापूर्वक प्रशिक्षण में भाग लेने पर धन्यवाद ज्ञापित किया।