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पहले फूंक दी 51.05 करोड़ की बिजली, अब बिल भरने में कर रहे आनाकानी

पहले फूंक दी 51.05 करोड़ की बिजली, अब बिल भरने में कर रहे आनाकानी

भीलवाड़ा (हलचल)। पहले तो उपभोक्ताओं ने बिजली खूब जलाई और अब बिल भरने में आनाकानी कर रहे हैं। भीलवाड़ा वृत्त में ऐसे उपभोक्ताओं पर 51.05 करोड़ रुपए लंबे समय से बकाया चल रहे हैं। इनमें 18.70 करोड़ रुपए तो उन उपभोक्ताओं के हैं, जिनका बिजली कनेक्शन स्थाई रूप से काट दिया गया है। वहीं 32.35 करोड़ रुपए नियमित उपभोक्ताओं पर बकाया हैं। इस बाकियात में भी सर्वाधिक 22.21 करोड़ रुपए सरकारी विभागों में हैं। शहर की सड़कों को रोशन करने के लिए निकायों में ही 13 करोड़ रुपए बाकी हैं। ग्राम पंचायतों में भी 15.84 करोड़ रुपए बकाया हैं।
इनमें 9.90 करोड़ रुपए तो जनता जल योजना के शामिल हैं। इसके अलावा 5.94 करोड़ रुपए पंचायत भवनों, गांवों में स्ट्रीट लाइट, ट्यूबवेल आदि के बाकी हैं। अन्य विभागों में भी बिलों का पैसा बाकी है। आम उपभोक्ताओं का बिल देरी से जमा होने पर कनेक्शन काट देने वाला बिजली निगम सरकारी विभागों से ही पैसा वसूल नहीं कर पा रहा है। भीलवाड़ा सर्किल में बिजली चोरी व छीजत 5.60 प्रतिशत है, जबकि एवीवीएनएल में यह आंकड़ा 11.20 प्रतिशत है। अजमेर डिस्कॉम के अपने क्षेत्र में उपभोक्ताओं पर 1398.99 करोड़ रुपए का भुगतान बकाया है। यही वजह है कि बिजली चोरों पर लगाम और इस साल राजस्व वसूली का लक्ष्य हासिल करने के लिए अजमेर विद्युत वितरण निगम ने सीनियर अधिकारियों को कमान सौंपी है।
एमडी ने कहा-कनेक्शन काटो या वसूली करो
डिस्कॉम के एमडी वीएस भाटी खुद सबसे ज्यादा बिजली चोरी, छीजत और राजस्व बकाया वाले नागौर जिले की कमान संभालेंगे। नागौर सर्किल में उपभोक्ताओं पर 433.65 करोड़ रुपए बाकी हैं। भीलवाड़ा में एडिशनल चीफ इंजीनियर (प्रोजेक्ट) अशोक शर्मा को लगाया गया है। एमडी भाटी ने निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को भी फील्ड में भेजने के निर्देश दिए हैं। सभी को लक्ष्य देकर कनेक्शन काटने या वसूली करने को कहा है।
लक्ष्य पूरा नहीं तो वरिष्ठ अधिकारी पर गिरेगी गाज
अजमेर डिस्कॉम ने इस वित्तीय वर्ष में 102 प्रतिशत राजस्व तथा 11 प्रतिशत से कम विद्युत छीजत का लक्ष्य रखा है। सभी वरिष्ठ अधिकारियों में से प्रत्येक को एक-एक सर्किल दे दिया गया है। उस सर्किल पर राजस्व वसूली तथा विद्युत छीजत को कम करने की जिम्मेदारी संबंधित वरिष्ठ अधिकारी की रहेगी। अगर कोई भी वरिष्ठ अधिकारी अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में असफल होता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
पंचायतों के पास नहीं बजट, निकायों से होता समायोजन
बिजली निगम सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायतों के पास बजट की प्रॉब्लम रहती है। इस वजह से वे बिजली बिलों का पैसा समय पर जमा नहीं करवाते। इसी तरह शहरी निकायों में स्ट्रीट लाइटों का बिल का समायोजन अरबन सेस के पैसे से वर्ष के अंत में होता है। अरबन सेस की वसूली एवीवीएनएल बिलों में उपभोक्ताओं से करता है।
इनका कहना है...
जिन उपभोक्ताओं में बिजली बिल का पैसा बाकी है, उनसे वसूली की कार्रवाई की जा रही है। यदि पैसा जमा नहीं होता है तो कनेक्शन काटे जाएंगे। एक्सईएन को भी जिम्मेदारी दी है। अधिकतर बकाया सरकारी विभागों में है। उनसे वसूली के संबंध में जल्द ही जिला कलक्टर से मिलकर आग्रह किया जाएगा।
- एसके उपाध्याय, अधीक्षण अभियंता, भीलवाड़ा सर्किल, एवीवीएनएल
किस जिले में कितना बकाया सर्किल बकाया
अजमेर जिला     40 करोड़ रुपए
भीलवाड़ा           51.06 करोड़
नागौर               433.65 करोड़
अजमेर शहर      32.75 करोड़
सीकर               103.02 करोड़
झुंझुनूं               126.16 करोड
उदयपुर             141.10 करोड़
राजसमंद           59.38 करोड़ 

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