boltBREAKING NEWS

ज्ञानवापी में पहले दिन के सर्वे में कई बड़े राज से उठा पर्दा

ज्ञानवापी में पहले दिन के सर्वे में कई बड़े राज से उठा पर्दा

वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर का सच सामने लाने के लिए अदालत के आदेश पर सभी पक्षों की मौजूदगी में फिर से सर्वे की कार्यवाही शुरू हुई। शनिवार को पहले दिन का सर्वे समाप्त हो गया। एडवोकेट कमिश्नर की मौजूदगी में सर्वेक्षण के दौरान पूरी टीम ने एक-एक चीज का बारीकी से निरीक्षण किया। एडवोकेट कमिश्नर अजय मिश्र और वादी-प्रतिवादी पक्ष के 52 लोग परिसर के अंदर गए  थे। ज्ञानवापी परिसर से बाहर आने के बाद कोर्ट कमिश्नर और अन्य अधिवक्ताओं ने मीडिया के सामने कुछ भी नहीं बोला। न्यायालय का आदेश है इसलिए सर्वे से संबंधित कोई भी जानकारी मीडिया के सामने देने से सर्वे की टीम ने मना किया। पुलिस ने सभी को वाहनों में बैठाकर काशी विश्वनाथ धाम से रवाना किया।पुलिस आयुक्त ने ए सतीश गणेश ने बताया कि रविवार सुबह आठ बजे से सर्वे का काम शुरू होगा। माना जा रहा कि सर्वे टीम ऊपरी भाग का का सर्वे करने पहुंच सकती है। शनिवार को ज्ञानवापी परिसर में मौजूद तहखाने के चारों कमरों के सर्वे का काम पूरा हो गया। तहखाने में क्या मिला है, इसकी जानकारी अभी नहीं है। इधर, मीडिया से बातचीत में वादी पक्ष के वकील ने दावा किया कि सभी साक्ष्य हमारे साथ हैं। सर्वे के बाद उक्त स्थानों को फिर से सील कर दिया गया है। वादी-प्रतिवादी पक्ष ने संयम का परिचय देते हुए सर्वे के कार्य में पूरा सहयोग किया।

डीजीपी और मुख्य सचिव ने की  मॉनिटरिंग
पूरे परिसर की वीडियोग्राफी के लिए विशेष कैमरा और लाइट की व्यवस्था की गई थी। ज्ञानवापी परिसर के आसपास जबरदस्त सुरक्षा व्यवस्था रही। डीजीपी और मुख्य सचिव पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। 12 बजे तक सर्वे का कार्य होगा। कमीशन की कार्यवाही में अवरोध करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। ज्ञानवापी सर्वे को लेकर वाराणसी कमिश्नरेट में अलर्ट जारी किया गया है। सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जा रही है। मंदिर के आसपास की सभी दुकानें बंद रहीं। मैदागिन और गोदौलिया की ओर से ज्ञानवापी जाने वाले रास्ते को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया था। बाबा के भक्तों को गेट नंबर एक से मंदिर में प्रवेश मिला। काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र छावनी में तब्दील रहा। 

 

मीडिया को ज्ञानवापी परिसर से रखा गया दूर

अदालत ने सर्वे कराने की जिम्मेदारी एडवोकेट कमिश्नर अजय मिश्र को सौंपी है। उनके साथ  विशेष कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह और सहायक कोर्ट कमिश्नर अजय प्रताप सिंह भी रहे। मीडिया को ज्ञानवापी परिसर और मुख्य द्वार से लगभग एक किलोमीटर दूर ही रोक दिया गया था। ज्ञानवापी मस्जिद की वीडियोग्राफी सर्वे की कार्रवाई सुबह 8 बजे शुरू हुई और 12 बजे तक चली।