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बड़ला स्कूल निरीक्षण में अनियमितता उजागर, पीईईओ दो दिन से अनुपस्थित, ग्रामीणों व छात्र-छात्राओं ने विरोध में दिए बयान

बड़ला स्कूल निरीक्षण में अनियमितता उजागर, पीईईओ दो दिन से अनुपस्थित, ग्रामीणों व छात्र-छात्राओं ने विरोध में दिए बयान

सवाईपुर सांवर वैष्णव

सवाईपुर कस्बे के निकटवर्ती बड़ला ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित राजकीय उच्च माद्यमिक विद्यालय बड़ला के कारण बिगड़े ब्लॉक रेंकिंग के आंकड़े को लेकर ब्लॉक के अधिकारियों की टीम ने विद्यालय में पंहुच कर औचक निरीक्षण में पीईईओ एवं प्रधानाचार्य दो दिन से बिना सूचना के ही नदारद मिली | साथ ही सरकार द्वारा जारी की गई राशि का उपयोग भी नहीं करने की अनियमितता उजागर हुई। पड़ताल करने पर ग्रामीणों व छात्र-छात्राओं ने भी प्रधानाचार्य के कभी कभार ही विद्यालय में दस्तक देने के बारे में खुल कर बयान भी दर्ज कराए। ग्रामीणों के साथ ही बच्चों ने भी प्रधानाचार्य के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उच्च स्तरीय कार्रवाई की मांग की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में ब्लॉक की न्यून रेंकिंग को सुधारने के लिए जिला कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारियों की ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को लगाई फटकार के बाद रेंक कम आने की बारिकी से जांच करने पर पाया कि पीईईओ बड़ला के द्वारा समय पर अनुदान वितरण नहीं करने, उपस्थिति समय पर नहीं करने, टेक्शबुक व किताबों का वितरण नहीं करने, आधार अपडेशन व अन्य आवश्यक सूचनाओं में प्रगति नहीं रहने से ब्लॉक की रेंकिंग पर असर पड़ा। अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शेडूराम, आरपी अनील कुमार बांगड़, आरपी सत्यनारायण पटवारी ने बड़ला राजकीय उच्च माद्यमिक विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान प्रधानाचार्य विमला मोर्य के बिना किसी पूर्व सूचना व अवकाश स्वीकृति के ही दो दिन से कर्मचारी हस्ताक्षर रजिस्टर में कॉलम खाली मिले | स्टाफ से जानकारी लेने पर अनुपस्थित होने के बारे में किसी प्रकार का संतोषप्रद जवाब नहीं मिला | निरीक्षण के दौरान समय पर शाला दर्पण पर योजनाओं की फिडिंग नहीं करने के बारे में प्रभारी को आवश्यक निर्देश जारी किए | साथ ही कर्मचारी उपस्थिति नहीं करने के बारे में जानकारी लेने पर शाला दर्पण प्रभारी ने बताया कि प्रधानाचार्य ने कर्मचारी उपस्थिति कार्य स्वयं के द्वारा ही करने के लिखित आदेश जारी करने की जानकारी दी। वहीं पूर्व वित्तीय वर्ष में जारी की गई अनुदान की राशि को भी बालिकाओं को वितरित नहीं किए जाने से बालिकाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया। मिडडेमील का निरीक्षण किया जो सही पाया गया। साथ ही बच्चों को परोसा जा रहा भोजन भी गुणवत्तापूर्ण पाया गया | आज बुधवार को हमारे संवाददाता द्वारा विद्यालय में प्रधानाचार्य के नदारद रहने की जानकारी मिलने पर पड़ताल करने पर ग्रामीणों ने बताया कि प्रधानाचार्य द्वारा सप्ताह में एक दिन विद्यालय में आने से पढ़ाई चोपट हो रही है। साथ ही सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं होने से बालक-बालिकाओं को सुविधाओं से महरूम होना पड़ रहा है। उन्होने प्रधानाचार्य के खिलाफ भी लिखित में पत्र उच्च अधिकारियों को प्रेषित किया है | वही पोषाहार के 2 कट्ठा में गेहूं भरे हुए थे, जिसमें से एक कट्टे का गेहूं बिल्कुल खराब हो गया था |जो वही रखा पड़ा मिला, इस पर ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर की | ग्रामीणों ने प्रधानाचार्य को हटाने की मांग की |

इनका कहना है

प्रधानाचार्य विमला मोर्य के सप्ताह में एक दिन उपस्थित होने की शिकायत नियमित मिलने के बाद कई बार विद्यालय पंहुचने पर नदारद ही मिली। बालकों पर किसी प्रकार का नियंत्रण नहीं रहा है। बच्चों के शैक्षिक स्तर में गिरावट आई है। बालिकाओं को अनुदान नहीं मिलना गंभीर अनियमितता है इसके लिए प्रधानाचार्य जिम्मेदार है । इसके लिए निस्पक्ष जांच कर प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो आन्दोलन किया जाएगा। साथ ही अन्यत्र स्थानान्तरण किए जाने पर ही व्यवस्थाओं में सुधार होगा |

शिवराज जाट, सरपंच ग्राम पंचायत बड़ला

पीईईओ बड़ला के निरीक्षण में अनियमितता बरतने, अनुदान वितरण नहीं करने, शाला दर्पण पर किसी प्रकार की फिडिंग नहीं करने तथा बिना सूचना के अनुपस्थित रहने की जानकारी मिली है । प्रधानाचार्य को नोटिस जारी कर अग्रीम कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारी को पत्र प्रेषित किया है |

सत्यनारायण मीणा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कोटड़ी