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खाप पंचायत ने एक परिवार पर लगाया एक करोड़ का जुर्माना, हुक्का-पानी किया बंद

खाप पंचायत ने एक परिवार पर लगाया एक करोड़ का जुर्माना, हुक्का-पानी किया बंद

सवाईमाधोपुर /जिले के गोठ सिकरोली गांव में खाप पंचायत का तुगलकी फरमान नहीं मानने पर एक परिवार पर एक करोड़ रुपये जुर्माना लगाया है। परिवार ने जुर्माना अदा नहीं किया तो गांव से उसका हुक्का-पानी बंद कर दिया गया। परिवार को न तो किराना की दुकानों से घर का राशन मिल रहा और न ही कोई उनसे बात कर रहा है। मंदिर में भी प्रवेश भी नहीं करने दिया जा रहा। खाप पंचायत ने फैसला सुनाया कि यदि कोई व्यक्ति पीड़ित परिवार से संबंध रखेगा तो उस पर 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। पंचों ने जब ज्यादा परेशान किया तो परिवार के मुखिया ने 12 जुलाई को स्थानीय एसीजेएम कोर्ट में अर्जी देकर 28 पंचों के खिलाफ बामनवास पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया। अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

जानें, क्या है मामला

 

गांव के महेश मीणा और डॉ. जितेंद्र मीणा ने इसी साल जनवरी में एक प्रॉपर्टी में साथ-साथ करीब डेढ़ करोड़ रुपये लगाए थे। कोराना महामारी के दौरान इसमें नुकसान हुआ तो डॉ. महेश ने आत्महत्या कर ली। डॉ. जितेंद्र के खिलाफ महेश की पत्नी ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज करवाया। जांच के बाद पुलिस ने डॉ. जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें हाईकोर्ट से 24 मार्च को जमानत मिल गई। जमानत मिलने के बाद महेश की पत्नी ने गांव की पंचायत बुलवा ली और डॉ. जितेंद्र भरण-पोषण के लिए पैसे मांगे। पंचायत में 28 पंचों ने डॉ. जितेंद्र के पिता रामस्वरूप मीणा (55) और मां कैलाशी (कैलाशी) को बुलाकर एक करोड़ रुपये का मुआवजा महेश की पत्नी को देने के फैसला सुनाया।

 

पंचों ने कहा कि एक करोड़ का मुआवजा नहीं देने तक डॉ. जितेंद्र के परिवार से कोई संबंध नहीं रखेगा। इनका हुक्का-पानी बंद रहेगा। किसी भी दुकान से सामान नहीं दिया जाएगा। परिवार को गांव में किसी भी सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। पंचों का फैसला नहीं मानने वाले ग्रामीणों पर 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाने की बात भी कही गई। रामस्वरूप ने कहा कि हमारी आर्थिक स्थिति एक करोड़ देने लायक नहीं है। हम इतनी रकम नहीं दे सकते। इस पर पंचायत ने उनके खिलाफ फरमान सुना दिया। इस मामले में बामनवास पुलिस थाना अधिकारी बृजेश मीणा ने कहा कि जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि महेश मीणा और डॉ. जितेंद्र में दोस्ती थी। प्रॉपर्टी का व्यवसाय भी साथ करते थे। रामस्वरूप ने पंचों के फरमान को खुद के परिवार पर अत्याचार बताया है।