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सम्यक दर्शन के बिना ज्ञान और चरित्र बेकार है : मुनि श्रद्धानंद 

 सम्यक दर्शन के बिना ज्ञान और चरित्र बेकार है : मुनि श्रद्धानंद 
उदयपुर BHN ।  केशवनगर स्थित आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में आचार्य वसुनंदी महाराज के शिष्य श्रद्धानंद महाराज एवं पवित्रा नंद महाराज संघ के सानिध्य में चार माह का वर्षावास का आयोजन धूमधाम से आयोजित हो रहा है। आदिनाथ युवा परिषद के प्रचार संयोजक शांति कुमार कासलीवाल ने बताया कि पाश्र्वनाथ भगवान के मोक्ष सप्तमी के अवसर पर 6 से 10 वर्ष तक की बालिकाओं द्वारा उपवास रखा गया।  जिसका शुक्रवार को प्रात: 6 बजे नन्ही बालिकाओं द्वारा मुनिश्री को श्रीफल चढ़ाकर पाद पक्षालान किया गया। बाद में मुनिश्री के सानिध्य में नन्ही बालिकाओं का पारणा कराया गया। छ: से 10 वर्ष तक के नन्हे बच्चों द्वारा उपवास रखना उदयपुर के इतिहास में पहली बार हुआ है। चातुर्मास सेवा समिति के कूंथूकुमार गणपतोत और  कैलाश जैन ने  बताया कि मुनिश्री का पाद प्रक्षालन जीवंधर जेतावत द्वारा किया गया तथा मंगलाचरण चंदा जावरिया ने किया  ।  प्रतिदिन प्रात: 8 से 9.30 रत्नाकरंडक  श्रावकाचार पर मुनि श्री के द्वारा  वाचना अब पांडाल में  कराई जाएगी एवं मुनिश्री द्वारा 7 अगस्त रविवार को (जवानी का जोश) विषय पर प्रवचन किया जाएगा ।
इस दौरान विद्या वसु सभागार में आयोजित धर्मसभा में मुनि श्रद्धानंद महाराज ने अपने प्रवचन ने कहा कि सम्यक दर्शन के बिना सम्यक ज्ञान सम्यक चरित्र बेकार है समय दर्शन के प्रभाव के बारे में बताते हुए कहा कि जेसे बिना बीज के वृक्ष की उत्पत्ति नहीं हो सकती वैसे ही सम्यक दर्शन के बिना सम्यक ज्ञान सम्यक चरित्र की उत्पति भी नहीं हो पाएगी ।