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  कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर और ब्याज माफिया रवि उर्फ डेविड बॉर्डर के होटल से गिरफ्तार

  कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर और ब्याज माफिया रवि उर्फ डेविड बॉर्डर के होटल से गिरफ्तार

 भीलवाड़ा (हलचल)। न्यायिक विभाग की एक महिलाकर्मचारी के पति राजेंद्र शर्मा को धमकाकर खुदकुशी के लिए मजबूर करने के आरोपित ब्याज माफिया व कोतवाली थाने के हिस्ट्रीशीटर रवि उर्फ डेविड  को आज गुलाबपुरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 
पुलिस अधीक्षक आदर्श सिधू के नेतृत्व में गुलाबपुरा थाना प्रभारी गजराज चौधरी के नेतृत्व में आरोपी डेविड को आज राजस्थान मध्यप्रदेश सीमा पर स्थित होटल राज पैलेस से गिरफ्तार किया गया है। थाना प्रभारी चौधरी ने बीएचएन को बताया कि आरोपी डेविड के बारे में पुलिस को तकनिकी खोज और मुखबिर की सूचना के बाद एएसआई सुंडाराम और उमराव को निम्बाहेड़ा के निकट राज पैलेसे होटल भेजा जहां ठहरे रवि उर्फ डेविड खटीक को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। इसे गुलाबपुरा लाया गया है। उल्लेखनीय है कि इस संबंध में कल कलेक्ट्री पर प्रदर्शन भी किया गया था। पुलिस का कहना है कि आरोपित रवि के खिलाफ कुल 11 मुकदमें दर्ज हैं। इनमें अवैध शराब, मारपीट, जानलेवा हमला, धोखाधड़ी, धमकाने से संबंधित मामले शामिल हैं। इन 11 में से 9 मामलों में पुलिस चालान पेश कर चुकी है, जबकि 2 मामलों में अनुसंधान चल रहा है। 

 यह था मामला 
एक अगस्त को शंभुगढ़ थाने के रामपुरा का निवासी राजेंद्र 34पुत्र औंकारलाल शर्मा अजमेर हाइवे स्थित कुमावत होटल के कमरे में पंखे से झूलता मिला था। इसे लेकर मृतक के भाई कृष्ण गोपाल शर्मा ने गुलाबपुरा थाने में रिपोर्ट दी कि उसका भाई राजेंद्र शर्मा आरसी व्यास कॉलेनी के सरकारी क्वार्टर में रहता था। कुछ दिनों से राजेंद्र मानसिक रुप से पीडि़त व प्रताडि़त था। दिनभर वह तनाव में रहता था। परिवादी ने भाई राजेंद्र से पूछा तो उसने बताया कि उसे भीलवाड़ा की रहने वाली सुनीता कटारिया निवासी वैभवनगर व रवि उर्फ डेविड खटीक ने अपने जाल में फंसा कर बरबाद कर दिया। सुनीता ने कई लोगों को भीलवाड़ा में शिकार बना रखा है। एक अगस्त को राजेंद्र निजी काम से गांव आया था। शाम साढ़े पांच बजे राजेंद्र के साले अक्षत का फोन आया कि राजेंद्र फोन नहीं उठा रहे हैं। इस पर परिवादी ने भी कॉल किये लेकिन कॉल रिसीव नहीं किया। इसके चलते उसे ढूंढते हुये रायला व कुमावत होटल पहुंचा, जहां उसकी स्कूटी वहां पड़ी थी। कमरे की खिड़की में होल कर देखा तो  राजेंद्र रस्से से फे दे पर लटका मिला।  पुलिस ने शव उतारा। मौके पर उसका लिखा सुसाइड नोट व मोबाइल व अन्य सामान मिला। परिवादी का कहना था कि उसे परिवार वालो से पता चला कि राजेन्द्र की पत्नि  के अकाउंट के चैक लग जाने से राजेंद्र काफी परेशान था। सुनिता कटारिया व रवि उर्फ ड ेविड खटीक द्वारा परिवादी के भाई को लगातार ्रप्रताडि़त करने से उसने आत्महत्या की हेै। इस रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध धारा  306,384 भादस के तहत मुकदमा दर्ज किया। जांच सीआई गजराज चौधरी ने शुरु की।  
ये थे टीम में
सीआई गजराज चौधरी, एएसआई सुंडाराम, एचसी उमराव प्रसाद, दीपेंद्र सिंह, सुभाषचंद्र, शिवराज, विशन सिंह, अमरचंद व रविंद्र शामिल थे।