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लंपी की रोकथाम व निराश्रित गायों के लिए पालिकाओं को मिले वित्तिय अधिकार-सोनी

लंपी की रोकथाम व निराश्रित गायों के लिए पालिकाओं को मिले वित्तिय अधिकार-सोनी

शाहपुरा-मूलचन्द पेसवानी 
गायों में फेल रही लंपी बिमारी की रोकथाम के लिए शाहपुरा नगर पालिका अध्यक्ष रघुनंदन सोनी ने पहल करते हुए जिला प्रशासन व राज्य सरकार से नगर पालिकाओं को इस दिशा में काम करने की स्वीकृति देने का अनुरोध किया है। सोनी ने बताया कि गायों की दशा बहुत ज्यादा खराब है। पशुपालन विभाग के पास कार्मिक व संसाधन न होने के कारण कोई कार्य हो नहीं पा रहा है। पशुपालक अपने स्तर पर सीमित संसाधानों से इस दिशा में प्रयास कर रहे है पर वो नाकाफी होने के कारण प्रतिदिन गायों की मरने की संख्या क्षेत्र में बढ़ती जा रही है।
सोनी ने बताया कि लंपी ग्रसित एक बछिया के सुने स्थान पर पड़ी होने तथा कुत्तों के नोंचने की सूचना पर मौके पर पहुंच कर देखा तो उनका मन पसीज गया। पशुपालन विभाग के कंपाउंडर श्यामलाल खटीक को बुलवाकर बछिया का इलाज करा कर उसे पालिका के रेनबसैरा में शिफ्ट कराया तो उसकी हालत में सुधार होने पर राहत की सांस ली। सोनी ने बताया कि समय पर उपचार न मिलने पर उसकी मौत तय थी।
इसी बात को लेकर उन्होंने जिला कलेक्टर आशीष मोदी से वार्ता कर इस प्रकार के कार्य के लिए लंपी गायों को बचाने, उनके उपचार करने, आईसोलेशन वार्ड बनाने, तात्कालिक रूप् से आवश्यकता होने पर नगर पालिकाओं को गायों के लिए जीवन रक्षक दवाईयां क्रय कर उपयोग में लेने के लिए वित्तिय अधिकार देने का प्रस्ताव दिया। सोनी ने इस संबंध में स्वायत शासन निदेशालय को प्रस्ताव देकर शाहपुरा के उपखंड प्रशासन से भी इस संबंध में वार्ता की है। जिला कलेक्टर ने इस दिशा में सकारात्मक रूख अख्तियार करते हुए कोई नीतिगत निर्णय लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 
भामाशाहों को आगे आना चाहिए-
शाहपुरा नगर पालिका अध्यक्ष रघुनंदन सोनी ने कहा है कि अपने अपने क्षेत्र में लंपी की रोकथाम व गायों को बचाने के लिए गोशाला संचालकों, भामाशाहों व सामाजिक संगठनों को आगे आना चाहिए। सोनी ने कहा है कि नगर पालिका इस दिशा में पहल करने को तैयार है। भामाशाहों के सहयोग से तत्काल उपचार केंद्र व आईसोलेशन सेंटर स्थपित कर शाहपुरा में पहल की जा सकती है। सोनी ने कहा है कि गौवंश की सेवा दलगत राजनीति से उपर उठकर की जानी चाहिए। इसके लिए भाजपा व कांग्रेस संगठन को भी प्रयास कर आगे आने चाहिए तथा भामाशाहों को प्रेरित कर गौवंश के संरक्षण के लिए पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से भी हर संभव प्रयास हो रहा है पर सामाजिक संगठनों व भामाशाहों के सहयोग से किये गये सहयोग के प्रतिफल इस दिशा में शाहपुरा में नवाचार किया जा सकता है।