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VIDEO राष्ट्रीय लोक अदालत: राजीनामे से सालों से पेंडिंग पड़े 20665 मामलों का निस्तारण

VIDEO राष्ट्रीय लोक अदालत: राजीनामे से सालों से पेंडिंग पड़े 20665 मामलों का निस्तारण

भीलवाड़ा संपत माली
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देेशानुसार शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में सालों से पेंडिंग पड़े 20665 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत में सभी प्रकार के समझौता योग्य सभी प्रकृति के दीवानी, फौजदारी , पारिवारिक, एम एक्ट, चैक अनादरण श्रम, बैंक रिकवरी, उपभोक्ता व राजस्व के मामले रखे गए। भीलवाडा मुख्यालय पर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ चन्द्र प्रकाश श्रीमाली जिला एवं सेशन न्यायाधीश, राजपाल सिंह सचिव, बार काउंसिल विक्रम सिंह राठौड़, राजेश गोयल अति.जिला कलेक्टर, प्रशासन द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया।
प्राधिकरण के सचिव राजपाल सिंह ने बताया कि चंद्रप्रकाश श्रीमाली जिला एवं सेशन न्यायाधीश के निर्देशन में जिले में कुल 45046 प्रकरण लोक अदालत में रखे गये जिसमें से 20665 प्रकरण लोक अदालत की भावना से निस्तारित हुए तथा 24 करोड़ 58 लाख 10 हजार 538 रुपए अवार्ड राशि पारित की गई। इसमें से प्रिलिटिगेशन के 28355 प्रकरण रखे गये जिसमें से 17633 प्रकरणों का राजीनामा द्वारा निस्तारण किया गया व 5 करोड़ 59 लाख 6 हजार 968 रुपए के अवार्ड पारित किए गए। न्यायालयों में लंबित 16691 प्रकरण चिन्हित किए गए व 3032 प्रकरणों को निस्तारित कर 18 करोड़ 99 लाख 3 हजार 390 रुपए के अवार्ड पारित किए गए। पूरे जिले में लोक अदालत की 31 बैंचों के माध्यम से न्यायिक अधिकारियों व अधिवक्ताओं ने समझाइश कर मामलों मे राजीनामे करवाए गए। 16938 राजस्व मामलों का भी राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण हुआ।
एम एक्ट में भीलवाडा न्यायालय में 41 प्रकरणों का बैंच अध्यक्ष न्यायाधीश विकास कुमार खण्डेलवाल एवं सदस्य अधिवक्ता प्रदीप व्यास के प्रयास से बीमा कम्पनी एवं प्रार्थी अधिवक्ता ने समझाईश कराकर 1 करोड 97 लाख 18 हजार 41 रुपए के अवार्ड पारित किए गए। लंबित प्रकरणो में एक प्रकरण इन्द्रा देवी बनाम नेशनल इंश्योरेन्स कम्पनी में प्रार्थिया इन्द्रा देवी को उसके पति की एक्सीडेन्ट में मृत्यु हो जाने पर राजीनामे से 22 लाख रुपए का क्लेम अवार्ड न्यायाधीश विकास कुमार खण्डेलवाल ने पारित किया। उक्त प्रकरण में पैरवी अधिवक्ता राकेश नुवाल व बद्रीलाल दाधीच ने की। राष्ट्रीय लोक अदालत में मौके पर ही मेडिकल बोर्ड द्वारा अक्षमता प्रमाणपत्र बनाए गए। लोक अदालत में अधिवक्ता शिव कुमार जोशी, अंशुल बंसल, रमेश झंवर, लादूलाल गुर्जर व अन्य अधिवक्ताओं का सहयोग रहा।
प्री-लिटिगेशन मामलों में बैंक, बीएसएनएल ,बिजली व पानी के रिकवरी मामलों का भी लोक अदालत में मूल राशि से भी कम में राजीनामा करवा कर एसबीआई बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बैंक ऑफ  बड़ोदा, बीएसएनएल एवं विपक्षी पक्ष को लाभ करवाकर मुकदमा पूर्व स्तर पर ही मामलों का निस्तारण किया। बिजली के बिलों में विद्युत विभाग द्वारा उपभोक्ता को राहत दी गई।
प्राधिकरण के सचिव राजपाल सिंह ने राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिले के समस्त न्यायिक अधिकारियों, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, बार अध्यक्ष एवं अधिवक्ता व न्यायिक कर्मचारियों को धन्यवाद दिया।