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अब फील्ड विजिट के दौरान अभियंता भी करेंगे पेयजल गुणवत्ता की नियमित जांच, सभी अधिकारी हर समय साथ रखेंगे ‘फील्ड टेस्टिंग किट‘

अब फील्ड विजिट के दौरान अभियंता भी करेंगे पेयजल गुणवत्ता की नियमित जांच,  सभी अधिकारी  हर समय साथ रखेंगे ‘फील्ड टेस्टिंग किट‘

 जयपुर, । प्रदेश में जल जीवन मिशन (जेजेएम) तथा अन्य परियोजनाओं के तहत पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता जांच के लिए फील्ड में तैनात कनिष्ठ अभियंताओं से लेकर राज्य स्तर पर कार्यरत वरिष्ठ अधिकारी अपने साथ हर समय ‘फील्ड टेस्टिंग किट‘ रखेंगे। वे इस किट का उपयोग फील्ड विजिट के दौरान पेयजल की गुणवत्ता जांच के लिए करेंगे। जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस)   सुधांश पंत ने मंगलवार को जेजेएम की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित राज्य स्तरीय वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) के दौरान इस आशय के निर्देश प्रदान किए।

 

एसीएस   पंत ने कहा कि जिस प्रकार जेजेएम में ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (वीडब्ल्यूएससी) के सदस्यों को गांव-ढाणियों में अपने स्तर पर गुणवत्ता जांच के लिए टेस्टिंग किट उपलब्ध कराए जा रहे है, उसी प्रकार विभाग में सभी स्तर के अधिकारियों को भी अपने दौरों के समय वाटर क्वालिटी परीक्षण के लिए यह किट दी जाए। अभियंता हर फील्ड विजिट में गुणवत्ता जांच को भी अपने एजेंडे में सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र विशेष से सम्बंधित हैंड पंप, ट्यूबवेल और जीएलआर एवं घरों सहित अन्य जल स्रोतों से नमूने लेने की कार्यवाही सार्वजनिक तौर पर स्थानीय लोगों की मौजूदगी में की जाए और इसके परिणाम के  आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाए। उन्होंने विभाग के चीफ कैमिस्ट को निर्देश दिए कि इस सम्बंध में एक विस्तृत दिशा निर्देश जारी करते हुए सभी अधिकारियों को पर्याप्त संख्या में टेस्टिंग किट उपलब्ध कराए।

 

  पंत ने अधिकारियों को जल स्रोतों की सस्टेनेबिलिटी की दिशा में भी सतत रूप से कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं में इसकी प्रगति की भी नियमित तौर पर समीक्षा होगी। उन्होंने कहा कि जेजेएम के माध्यम से केवल लोगों को ‘हर घर नल कनेक्शन‘ से पानी पहुंचाना ही पर्याप्त नहीं है, हर योजना से लाभान्वित परिवारों को लम्बी अवधि तक निर्बाध रूप से स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की सुविधा मिले, यह सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने सोर्स सस्टेनेबिलिटी से सम्बंधित कायोर्ं के लिए वित्त आयोग एवं महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत उपलब्ध राशि का भी उपयोग करने के निर्देश दिए।

 

एसीएस ने अधिकारियों को जेजेएम के कायोर्ं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के लिए कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्य पूरी पारदर्शिता, निर्धारित नॉर्म्स एवं गाइडलाइन के तहत सम्पन्न हो, इसके लिए हर स्तर पर सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सभी कायोर्ं में ‘क्वालिटी एश्योरेंस एवं क्वालिटी कंट्रोल मैन्यूल‘ के प्रावधानों की सख्ती से पालना हो। जेजेएम के कायोर्ं में किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता की शिकायत मिलने इस मैन्यूल के अनुसार कड़ी कार्यवाही की जाए।

 

 पंत ने वीसी के दौरान जेजेएम की सपोर्ट गतिविधियों के तहत सभी गांवों के ‘विलेज एक्शन प्लान‘ तैयार कराकर उनके ग्राम सभा में अनुमोदन के बकाया कायोर्ं में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर से सभी जिला कलक्टर्स को आगामी 15 अगस्त को होने वाली ग्राम सभाओं में अपने जिले के गांवों के अधिकतम ‘विलेज एक्शन प्लान‘ का अनुमोदन कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागीय अधिकारी इसके लिए स्थानीय स्तर पर समन्वय करते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने जेजेएम की प्रगति के विश्लेषण, फीडबैक प्राप्त करने और रणनीति तैयार करने में राज्य स्तरीय प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (एसपीएमयू) एवं जिला स्तरीय प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (डीपीएमयू) की क्षमताओं का पूरा उपयोग करने के भी निर्देश दिए।

 

वीसी में बताया गया कि जेजेएम के तहत अब तक प्रदेश में स्वीकृत परियोजनाओं की तुलना में रेग्यूलर विंग के तहत 9057 गांवों की तकनीकी स्वीकृतियां और 8296 गांवों की निविदाएं जारी की जा चुकी है। इसके बाद 6 लाख 80 हजार 683 ‘हर घर नल कनेक्शन‘ जारी करने के लिए कार्यादेश दिए जा चुके है, इसके विरूद्ध वर्तमान में 5 लाख 6 हजार 370 देने के लिए मौके पर कार्य आरम्भ कर दिया गया है। इसी प्रकार मेजर प्रोजेक्ट्स के तहत 3833 गांवों की तकनीकी स्वीकृतियां और 2532 गांवों की निविदाएं जारी की गई है और 16 हजार 266 ‘हर घर नल कनेक्शन‘ के लिए मौके पर कार्य शुरू हो गया है।  

 

वीसी से जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक एवं मुख्य अभियंता (ग्रामीण)  आरके मीना, मुख्य अभियंता (गुणवत्ता नियंत्रण)  आरसी मिश्रा, मुख्य अभियंता (विशेष प्रोजेक्ट्स) श्री दिलीप गौड़, मुख्य अभियंता (तकनीकी) संदीप शर्मा, मुख्य अभियंता (नागौर)   दिनेश गोयल, मुख्य अभियंता (जोधपुर)   नीरज माथुर व वित्तीय सलाहकार सुश्री कोमल आगरी के अलावा अतिरिक्त मुख्य अभियंता (ग्रामीण)  महेश जांगिड तथा चीफ कैमिस्ट   राकेश माथुर सहित रीजन एवं जिला स्तर से रेग्यूलर एवं प्रोजेक्ट विंग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता स्तर के अधिकारी भी जुड़े।