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शाहपुरा डाईट में संस्थाप्रधानों का लीडरशिप कार्यक्रम का आयोजन

शाहपुरा डाईट में संस्थाप्रधानों का लीडरशिप कार्यक्रम का आयोजन

 शाहपुरा-मूलचन्द पेसवानी 

 भीलवाड़ा जिले के विद्यालयों के नेतृत्वकर्ताओ के प्रशासनिक एवं प्रबन्धन गुणों को अधिक प्रभावी बनाने शिक्षा विभाग एवं सीमेट गोनेर के तत्वावधान में दस दिवसीय लीडरशीप प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन डाईट शाहपुरा में किया।

मुख्य प्रशिक्षण प्रभारी राधेश्याम शर्मा एवं प्रशिक्षण सहयोगी आशीष जिन्दल व अख्तर रिजवी द्वारा प्रशिक्षण का संचालन किया जा रहा हैं। डाईट प्रतिनिधियों कैलाश जांगीड, भगवानदास वैष्णव, प्रभागाध्यक्ष कैलाश मण्डेला द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वयन किया जा रहा हैं। प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 55 से अधिक उच्च माध्यमिक विद्यालयों के संस्थाप्रधान भाग ले रहे हैं।

मुख्य प्रशिक्षण प्रभारी राधेश्याम शर्मा ने संम्भागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि संस्था प्रधानो पर विद्यालयों के प्रभावी व सुचारू संचालन और उन्हें अपने स्टाफ सदस्यों की क्षमता व योग्यता का आंकलन कर उनसे विद्यालय व विद्यार्थियों के हित में बेहतर कार्य करवाने की जिम्मेदारी होती हैं अतः उन्हे श्रेष्ठ प्रबन्धन कर सभी को सकारात्मक कार्य करने प्रेरित करना चाहियें ताकि सामूहिक प्रयासों से उत्कृष्ट उपलब्धियां अर्जित करना संम्भव हो सकें। उन्होंने कहा कि संस्थाप्रधानों को प्रशंसां व आलोचना के भी समय समय पर व विवेकपूर्ण उपयोग पर ध्यान दना चाहिये। उन्होंने कहा कि विद्यालय में अनुकूल वातावरण निर्माण होने पर शैक्षिक व सहशैक्षिक हर क्षेत्र में अच्छा कार्य किया जा सकता हैं। 

इससे पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रारम्भ में प्रभावी कार्य संचालन हेतु सात ग्रुपों का गठन धनेश्वर शर्मा, दुर्गा शर्मा, दिनेश जैन, कविता आजवानी, रमेशचन्द्र, ममता पाटीदार, एचआर मीणा के नेतृत्व में किया गया और विषय व बिन्दुवार कार्य निर्धारण कर गतिविधिया प्रारम्भ की गई। कार्यक्रम के दौरान हुई समूह चर्चा में पुष्पा खज्जा, राजेन्द्र पंचाल, ललित लोचन चैबीसा, एचआर मीणा ने भी विचार व्यक्त कियें। प्रशिक्षण व्यवस्थाएं रणवीरसिहं राणावत, सम्पतलाल कोली, त्रिलोकचन्द बलाई, देवेन्द्र चावला, सुरेशचन्द्र घूसर द्वारा की जा रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान विषय विशेषज्ञों व वार्ताकारो ने आडियो - वीडियो व वार्ताओ के द्वारा विद्यालय प्रबन्धन के विभिन्न बिन्दुओ पर प्रकाश डाला एवं संम्भागियों की शंकाओ का समाधान भी किया।