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नहीं हो पा रहा चिरंजीवी योजना के तहत भीलवाड़ा में मरीजों का इलाज,निजी अस्पताल कर रहे हैं नियमों मैं बदलाव की मांग

नहीं हो पा रहा चिरंजीवी योजना के तहत  भीलवाड़ा में मरीजों का इलाज,निजी अस्पताल कर रहे हैं नियमों मैं बदलाव की मांग

 भीलवाड़ा( राजकुमार माली )मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की चिरंजीवी योजना भीलवाड़ा के अस्पतालों में मूर्त रूप नहीं ले पा रही है! ऐसे में मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है ,इसके पीछे चिकित्सकों का कहना है कि योजना के नियम और बीमारियों के पैकेज की दर क्वालिटी उपचार के तहत मेल नहीं खा पा रही है, ऐसे में नियमों में बदलाव की आवश्यकता जताई जा रही है।
 मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा चिरंजीवी योजना के तहत निजी अस्पतालों में मरीजों का 500000 तक उपचार करने की बात कही जा रही है, लेकिन हकीकत में भीलवाड़ा के स्वीकृत निजी अधिकांश अस्पतालों में मरीजों का उपचार इस योजना के तहत नहीं हो पा रहा है ,ऐसे में मरीज चिरंजीवी योजना के रजिस्ट्रेशन दस्तावेज लेकर इधर-उधर भटक रहे हैं।
 ऐसा ही एक मामला आज भगवती देवी का सामना आया जिसने निजी अस्पताल में उपचार करवाया लेकिन इस योजना के दस्तावेजों को नहीं माना गया ऐसे में इसकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक की गई है।
 उधर इस संबंध में उपचार भीलवाड़ा के जिला सचिव कुलदीप सिंह नाथावत ने हलचल को बताया कि सरकार ने जो योजना चिरंजीवी के नाम पर लागू की है वह धरातल पर सही नहीं है उनका कहना है कि इस योजना के तहत मरीज के इलाज के लिए 40 फ़ीसदी राशि ही उपलब्ध कराई जा रही है जिससे क्वालिटी का इलाज निजी अस्पताल देने में सक्षम नहीं है, इसके अलावा एनबीएच के नाम पर  10 फीसदी राशि की कटौती की जा रही है इससे भी इलाज के खर्चे की राशि में कमी आती है ,वही जो योजना और नियम है उनमें भी कई कमियां है इलाज  करने के बाद कुछ मामलों में  आपत्तियां और खारिज करने जैसी समस्या भी आ रही है जो निजी अस्पताल वहन करने की स्थिति में नहीं है। अब चोर खर्च करने के मामले की सुनवाई की भी सरकार ने कोई गुंजाइश नहीं रखी है ना कोई नोडल अधिकारी बनाया है
डॉक्टर नाथावत ने बताया कि इसी योजना के नियमों में बदलाव की आवश्यकता है उनका कहना है कि प्रीमियम हेल्थ बीमा योजना जैसे निजी क्षेत्र में संचालित हो रही है यह भी उसी आधार पर लागू की गई है लेकिन इसमें कुछ कमियां है स्वीकृति के बाद इलाज के मामलों पर प्रश्नचिन्ह लगाना और खारिज करना सही नहीं है उन्होंने निजी क्षेत्र की तरह चिरंजीवी योजना को लागू करने का सुझाव दिया है जिससे आम लोगों को इसका लाभ मिल सके। उधर शहर के अस्पतालों में इस योजना को लेकर कुछ ही रोगियों के उपचार अब तक हो पाए हैं और अब निजी अस्पतालों में चिरंजीवी योजना के तहत अधिकांश अस्पताल उपचार नहीं कर रहे हैं।
इनका कहना है कुछ दिनों से निजी अस्पतालों में चिरंजीवी योजना के तहत इलाज नहीं करने की शिकायतें मिल रही है इसे लेकर उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है 
डॉक्टर मुस्ताक खान
 सीएमएचओ 
भीलवाड़ा