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पायलट को मिल सकता है ये बड़ा पद

पायलट को मिल सकता है ये बड़ा पद

जयपुर। पंजाब कांग्रेस में चल रही सियासी उठापटक का निपटारा सोनिया गांधी के दरबार में होने के बाद अब राजस्थान राजस्थान की बारी है। राजस्थान का विवाद सुलझाने के लिए प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने कवायद तेज कर दी है। सूत्रों की माने तो राजस्थान का निपटारा भी सोनिया गांधी के ही दरबार में होगा। विवाद सुलझाने के लिए कमान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने खुद अपने हाथों में ली है। पंजाब कांग्रेस का विवाद निपटने के बाद सचिन पायलट कैंप के नेताओं को भी जल्द मांगों का निस्तारण होने की उम्मीद जगी है।

एक सप्ताह में निपटारे के संकेत
पार्टी के विश्वस्त सूत्रों की माने तो पंजाब के बाद राजस्थान कांग्रेस की भी सियासी उलझन सुलझाने का दावा एक सप्ताह में करने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में जुलाई माह का आखिरी सप्ताह राजस्थान कांग्रेस के लिए काफी अहम माना जा रहा है। मंत्रिमंडल विस्तार, राजनीतिक नियुक्तियां और संगठन विस्तार चल रही खींचतान खत्म हो सकती है।

सोनिया गांधी ने अपने हाथ में लिया मामला
सूत्रों की माने तो पंजाब के बाद राजस्थान कांग्रेस का मामला सुलझाने का जिम्मा सोनिया गांधी ने अपने हाथों में लिया है। कहा जा रहा है ति मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तिय़ों पर चर्चा के लिए सोनिया गांधी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी दिल्ली बुला कर उनसे बात कर सकती है।

पायलट को मिल सकता है ये बड़ा पद

फिलहाल, अभी तय नहीं है कि पायलट कैंप के कितने विधायकों को मंत्रिमंडल में मौका मिलेगा लेकिन संभावना जताई जा रही है कि सचिन पायलट AICC के जनरल सेक्रेटरी बन सकते हैं. यह सारी कवायद तभी होगी, जब पायलट अपने कैंप के विधायकों को एडजेस्ट करवाने के साथ ही अपने सहयोगी कांग्रेस नेताओं को भी राजनीतिक नियुक्तियां दिलवा दें.

1 साल से लटका हुआ है पायलट कैंप का मामला
दरअसल सचिन पायलट कैंप की मांगों पर विचार के लिए बनी कमेटी के निष्क्रिय रहने के चलते 1 साल से उनकी मांगों पर कोई फैसला नहीं हो पाया है, जिससे पैलेट कैंप में नाराजगी भी खुलकर सामने आ चुकी है। बीते माह गहलोत-पायलट कैंप के नेताओं के बीच जमकर बयानबाजी का दौर भी चला है। ऐसे में कांग्रेस आलाकमान दोनों कैंपों के बीच तालमेल बैठाकर बीच का रास्ता निकालने की तैयारी में है।