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विश्व कल्याण के लिये की जा रही है राजयोग तपस्या

विश्व कल्याण के लिये की जा रही है राजयोग तपस्या

चितौडगढ । प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय प्रतापनगर चितौडगढ सेवा कैन्द्र पर जनवरी मास में अव्यक्त ब्रह्मा बाबा की स्मृति में विश्व कल्याण के लिये राजयोग तपस्या की जा रही है। सेवाकैन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने बताया कि सारे विश्व में लगभग 10 लाख भाई-बहनों द्वारा कोरोना गाइडलाइन अनुसार राजयोग तपस्या की जा रही है। सम्पूर्ण विश्व के कल्याण के लिये तपस्या की जा रही है। परमपिता शिव परमात्मा ने 1936 में ब्रह्मा बाबा के माध्यम से संस्था स्थापित कर राजस्व अश्वमेघ अविनाशी रूद्र गीता ज्ञान यज्ञ रचा है, जो कि सम्पूर्ण विश्व के विघ्नों व दुख-अंशाति को दूर करने वाला हैं। इसी गीता ज्ञान यज्ञ से सदा के लिये सारे विश्व के विघ्न व दुख-अंशाति की आहुति पडेगी। इससे ही संसार में सम्पूर्ण सुख-शांतिमय की दुनिया धरा पर आती है। विश्व के अंदर बढती हुई किसी भी प्रकार की आपदाओं को हम बदल नही सकते है। समय ओर परिस्थिति तो हर एक के जीवन में पेपर बन कर आ रही है। हम हर परिस्थिति में सहज पार हो विजय बन जाए यह हमारे हाथ में है। राजयोग तपस्या से हमारे अंदर की शक्तियॉ जाग्रत होने लगती है। इससे हमारा आत्म बल दिनों दिन बढता हैं। आज संसार में सबसे बढी महामारी मानसिक रोग बनते जा रहे है। छोटी छोटी बाते सोच सोच के डर ओर चिंता में जीवन जी रहे है। किसी भी बात को ज्यादा व बार बार चिंतन करना ही ंिचंता व भय का कारण है। परमात्म ज्ञान ओर सहज राजयोग में हमें यह शिक्षा मिलती है कि हम अजर अमर अविनाशी आत्मा है, हम सभी आत्माओं का पिता एक परमात्मा है जो सर्व समर्थ ओर सर्वशक्विान है। हम सभी का पिता सर्व समर्थ है तो हमे चिंता व भय नही हो सकता है। हम सब उस एक पिता की संतान होने से सारा विश्व हमारा परिवार है। सम्पूर्ण विश्व के प्रति हमे सदा शुभ भावना ओर कल्याण की भवना रखनी चाहिए। इसमे हमारा कल्याण स्वतः ही समाया है। हम जो दुसरो देते है वो ही हमारे पास कई गुना लौट कर आता हैं। अब हम दुसरो को शुभ भावनाएं, दुआएं, प्रेम दे या फिर दुर्भावनाएं व नफरत यह हमारे हाथ में है। दुसरे हमे कुछ भी दे लेकिन हमें सबको शुभ भावनाएं, दुआएं ही देनी है। यही हमारे लिये परमात्म श्रीमत है। शुरूआत हमे स्वयं से ही करनी है क्योकि जब हम तिलक लगाते है तो पहले खुद की अंगुली पर कुमकुम लगाते है। इस प्रकार सबके प्रति अच्छी सोच हमारे चारो ओर एक सकारात्मक ऊर्जा का शक्तिशाली ओरा तैयार करती है जो हमे हर नकारात्मक प्रभावो से सुरक्षित रखती है। राजयोग का सरल अर्थ उस पिता परमात्मा की सहज याद है।

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