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केसरी सिंह बारहठ जी की 150 वीं जयंती पर आयोजित हुआ राष्ट्र वंदन कवि सम्मेलन

केसरी सिंह बारहठ जी की 150 वीं जयंती पर आयोजित हुआ राष्ट्र वंदन कवि सम्मेलन

 शाहपुरा मूलचन्द 

त्रिमूर्ति स्मारक पर आयोजित राष्ट्र वंदन कवि सम्मेलन में ओजस्वी कवियों ने अपनी कविताओं से श्रोताओं में देशभक्ति का जोश भर दिया। मीडिया प्रभारी परमेश्वर प्रसाद कुमावत ने बताया कि कार्यक्रम के शुभारंभ पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष कन्हैया लाल धाकड़, शिक्षाविद् जय देव जोशी, विष्णु दत्त शर्मा, भाजपा नेता लक्ष्मी लाल सोनी बनेड़ा, अखिल भारतीय चारण गढवी महासभा के अध्यक्ष हिंगलाज दान चारण, मेवाड़ चारण महासभा के अध्यक्ष भेरूसिंह चारण, आयोजन समिति के सचिव कैलाश सिंह जाड़ावत, यशपाल पाटनी ने त्रिमूर्ति बारहठ स्मारक पर माल्यार्पण कर  कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया। कवि सम्मेलन में मां शारदा की वंदना कैलाश सिंह जाड़ावत मारा गीत में थारा ही सुरताल, आखर का गुंथ्या जाल, विद्यारी देवी अरज सुणों से की। प्रथम कवि के रूप में रविदर्शन सांधू अणेवा ने वीर रस में बारहठो ने मातृभूमि का कर्ज चुकाया था सुना कर बारहठ त्रिमूर्ति के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किए। छेलू चारण छेल नाथूसर ने मेवाड़ी मिट्टी का पानी रखता पगपथ अमर कहानी। शाहपुरा बारठ की जननी, शौर्य धरा रणरासों की सुनाकर शाहपुरा की मिट्टी को नमन किया। प्रताप सिंह झोरड़ा ने प्रताप आखिरी क्षण बोल्यो मारी माता ने रोवण दो सुनाई तो पूरी सभा प्रताप के उद्घोष से गुंजित हो उठी। ओज के सितारे अखिल भारतीय ख्याति प्राप्त कवि अशोक चारण जयपुर ने जब उसके ख्वाबों की दुनिया तो प्रेम भरी बातों में थी, आफताब की श्रद्धा केवल श्रद्धा की रातों में थी सुलाकर कविता के माध्यम से मानवता के हत्यारों को ललकारा । पैरोडीकार डॉक्टर कैलाश मंडेला ने आजादी रो हेलो सुण हेल्या न ठोकर मारी सुनाकर तालिया बटोरी। सोहन चौधरी गंगरार ने जोरावर प्रताप केसरी सिंह अडिया भारी जी गीत पर श्रोताओं ने खूब दाद दी। डॉक्टर गजादान चारण शक्तिसुत नाथुसर ने सुनो सपूत हिंद के सुपुत्रयों सुनो जरा सुना कर माहौल को नई ऊंचाइयों प्रदान की। मोहन सिंह रत्नु ने हेलमेट बिन हे पिया जाणो नहीं  बाजार सुनाई। वीरेंद्र लखावत सोजत ने पल-पल रो बगत पुकारे हे, जद त्याग तप री धारा हा सुनाई। दिनेश बंटी शाहपुरा ने केसरी के बता यूं असर करेगी, राणा जी की रेलगाड़ी पछी फिरगी सुना कर सभा में हास्य का माहौल पैदा किया। सूत्रधार हिम्मत सिंह उज्जवल ने कविता कहने और सुनने वाले सब सुन ले, मातृभूमि से बढ़कर कोई प्यार नहीं होता सुधाकर देशभक्ति का जज्बा पैदा किया। कार्यक्रम का स्वागत संचालन आयोजन समिति के सह सचिव परमेश्वर प्रसाद कुमावत ने किया। कवि सम्मेलन का संचालन सूत्रधार हिम्मत सिंह उज्जवल ने किया। कार्यक्रम में संस्थान के अध्यक्ष शंकर लाल जोशी, अविनाश शर्मा, रामेश्वर लाल धाकड़, भगवत सिंह लूलांस, बसंत कुमार वैष्णव, सुरेश घूसर, महेंद्र गुर्जर, डॉक्टर ओम प्रकाश कुमावत, मनोज सोनी, मोहनलाल कोली, कैलाश महरडू, वरिष्ठ पत्रकार मूलचन्द पेशवानी, कैलाश कोली कंपाउंडर, पत्रकार महावीर मीणा, भेरूलाल लक्षकार, समाजसेवी लालाराम बेरवा, राम प्रसाद सेन, श्याम लाल गुर्जर, राजेश सोलंकी पार्षद, समाजसेवी राजकुमार बेरवा, लादूराम खटीक, राजू लाल जांगिड़, कैलाश धाकड़, सरोज राठौड, सिमीरणजीत कौर, आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।