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सहाड़ा विधानसभा उपचुनाव: पल-पल बदला राजनीतिक समीकरण

सहाड़ा विधानसभा उपचुनाव: पल-पल बदला राजनीतिक समीकरण

भीलवाड़ा (हलचल)। सहाड़ा विधानसभा उपचुनाव में चल रही पशोपेश की स्थिति आज सुबह खत्म होती नजर आई जब लादूलाल पितलिया ने भाजपा को समर्थन देने की घोषणा की। इसके बाद मंगलवार को सहाड़ा में प्रस्तावित बैठक को लेकर भाजपा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा था। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया से मुलाकात के बाद भीलवाड़ा लौटने पर चिकित्सा विभाग ने पिछले दिनों कोरोना हॉटस्पॉट राज्य की यात्रा से लौटे पितलिया को आरटीपीसीआर रिपोर्ट पेश नहीं करने पर 15 दिन क्वारंटाइन करने के आदेश दिए हैं। अब वे कल की सभा और आगे चुनाव प्रचार में शामिल होंगे या नहीं, इस पर संशय है। अगर पितलिया आदेश का उललंघन करते हैं तो ऐपिडेमिक एक्ट के तहत उनके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही भी हो सकती है। वहीं भाजपा ने इसे कांग्रेस की साजिश करार दिया है। भाजपा के पदाधिकारियों का आरोप है कि पितलिया के भाजपा के साथ आने से कांग्रेस बौखला गई है।
इससे पहले टिकट वितरण के बाद से ही सहाड़ा विधानसभा सीट पर नाटकीय घटनाक्रम हुआ। वर्ष 2018 में भाजपा से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़कर 30 हजार से ज्यादा वोट हासिल कर भाजपा व कांग्रेस की नाक में दम करने वाले लादूलाल पितलिया ने उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में परचा दाखिल करने के बाद नाम वापस ले लिया। वर्ष 2018 में बागी हुए पितलिया को सहाड़ा विधानसभा उपचुनाव को देखते हुए चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के कुछ दिन पहले ही भाजपा ने मान-मनुहार कर पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। उपचुनाव से पहले सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की पृष्ठभूमि तैयार करने में लादूलाल ने भूमिका निभाई। फिर आई टिकट आवंटन की बारी। इस बार भी भाजपा ने प्रमुख दावेदार होने के बावजूद पितलिया के स्थान पर डॉ. रतनलाल जाट को टिकट दे दिया। इस पर पितलिया फिर बगावत पर उतर आए और निर्दलीय चुनाव लडऩे की घोषणा करते हुए नामांकन दाखिल कर दिया।
इसके बाद पितलिया पर नाम वापसी का दबाव बनाने की बात सामने आई। पितलिया ने खुद इस बात को कबूल किया है कि उनके कर्नाटक में चल रहे कारोबार को बंद कर दिया गया और उन्हें जबरन नाम वापस लेने पर मजबूर किया गया जिस पर उन्होंने अपना परचा उठा लिया। इसके बाद जोगेश्वर गर्ग और विहिप के एक पदाधिकारी के बीच हुई बात का ऑडियो वायरल हो गया। इसमें अमित शाह का भी नाम आया और बताया गया कि वे खुद इस पर नजर रखे हैं और सहाड़ा से कर्नाटक तक रगड़कर रख देंगे।
सोमवार सुबह पितलिया का बयान आया कि वे भाजपा का प्रचार करेंगे। इसके बाद वे भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया से भी मिले और पार्टी को समर्थन देने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर पितलिया ने वायरल चिट्ठी पर यू टर्न मारते हुए कहा कि चिट्ठी में हैंड राइटिंग उनकी नहीं थी। भीलवाड़ा लौटने पर पितलिया को पिछले दिनों कोरोना हॉटस्पॉट राज्य की यात्रा से लौटने व आरटीपीसीआर रिपोर्ट पेश करने को कहा। आरटीपीसीआर रिपोर्ट पेश नहीं करने पर पितलिया को 15 दिन के लिए होम क्वारंटाइन कर दिया गया है।