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चेतक स्मारक के लिए आरक्षित भूमि को निलाम करने के विरोध में सर्व समाज ने सौपा ज्ञापन

चेतक स्मारक के लिए आरक्षित भूमि को निलाम करने के विरोध में सर्व समाज ने सौपा ज्ञापन

 चित्तौडगढ । श्री राजपुत करणी सेना, जौहर स्मृति संस्थान की अगुवाई मे सर्व समाज व हिन्दु संगठनों के पदाधिकारीयों एवं सर्व समाज के लोग ढोल नगाडो के साथ व घुडसवार हाथ मे केसरिया ध्वज लिये पाडनपोल से ‘‘चेतक के सम्मान मे सर्व समाज मैदान में’’ आदि नारे लगाते हुए वाहनों से ओछड़ी दरवाजा , बैंक ऑफ बडौदा , किलारोड, सुभाष चौक, सहकार चौराहा व पुरानी पुलिया होते हुए कलेक्ट्री चौराहा पहूंचे व वहॉ जाकर मानव श्रृखंला बना कर नगर परिषद द्वारा प्रातः स्मरणीय महाराणा प्रताप के स्वामी भक्त चेतक के स्मारक बनाने हेतु नगर परिषद चित्तौड़गढ़ द्वारा पूर्व में ओछडी में 2009 में साधारण सभा में प्रस्ताव संख्या 59 के अनुसार कोटा, उदयपुर व निंबाहेड़ा फोरलेन के पास ओछडी में भूमि आरक्षित कर रखी थी अब नगर परिषद के द्वारा इस भूमि को नीलाम किया जा रहा है, इसके विरोध मे जोरदार विरोध प्रकट करते हुए जिला कलेक्टर के द्वारा राज्यपाल, मुख्यमंत्री व स्वायत्त शासन मंत्री के नाम सैकडो की संख्या मे सर्वसमाज के लोगों ने अतिरिक्त कलेक्टर गितेश श्रीमालवीय को ज्ञापन सौपा। ज्ञापन मे लिखा कि मेवाड़ त्याग, बलिदान शौर्य एवं जौहर की भूमि है। यहॉ बने विभिन्न स्मारक, बलिदान, शौर्य की नींव के प्रस्तर है। जो आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा देते हैं। किन्तु नगर परिषद चित्तौडगढ द्वारा चेतक के स्मारक की आरक्षित भूमि को निलाम किया जा रहा है, इस कारण नगर परिषद द्वारा जननायक महाराणा प्रताप ही नहीं आमजन व सर्व समाज का अपमान किया है जिससे आमजन की भावना आहत हुई है।  स्वामीभक्त चेतक का बलिदान इतिहास के पन्नों में स्वाभिमान एवं स्वामी भक्ति का प्रतीक है। इस प्रकार आरक्षित भूमि को नीलाम किया जाना विधि सम्मत भी नहीं है। नगर परिषद के इस कार्य से यह मेवाड़ की गौरवशाली परंपरा और इतिहास को विलुप्त करने की मानसिकता उजागर होती है। ज्ञापन मे चेतावनी दी गयी कि अगर यह प्रक्रिया नीलामी निरस्त नहीं की गई तो चित्तौड़गढ़ ही नहीं मेवाड़ में बहुत बड़ा आंदोलन किया जाएगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार एवं जिला प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर हिन्दु जागरण मंच के सुरेन्द्रसिंह सौलंकी, मनोज साहु, गोपाल छीपा, राकेश कीर, मोनू सोनी, महावीर कीर, दीपक राजोरा, भोई समाज से बालकिशन भोई, गणेश भोई, पिन्टू भोई, रतन भोई, गोपाल भोई, जितेन्द्र सुराणा, श्री राजपुत करणी सेना के सत्यवीरसिंह भाटी, भूपेन्द्रसिंह, नगेन्द्रसिंह विजयपुर, पुष्पेन्द्रसिंह राजावत, फतहसिंह घटियावली, भानुप्रतापसिंह, अजयराजसिंह राठौड, जौहर स्मृति संस्थान के नरेन्द्रसिंह विजयपुर, तेजपालसिंह शक्तावत, गजराजसिंह बराडा, मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के सहदेवसिंह नारेला, क्षत्रिय युवक संघ के गंगासिंह साजियाली, जोगेन्द्रसिंह, प्रताप फाउण्डेशन के हर्षवर्धनसिंह रूद, रणजीतसिंह डगला का खेडा, श्री राष्ट्रीय करणी सेना के ब्रजेन्द्रसिंह भाटी, नरपतसिंह भाटी, मंगलसिंह खंगारोत, प्रवीण सिंह राठोड, शक्तिसिंह, अर्जुनिंसंह, श्यामसिंह हाडा, पूर्व पार्षद देवीलाल राठौड, जे.पी. जागेटिया, भरत मेनारिया व भैरूलाल ओछड़ी, ब्राम्हण समाज से रितिक ओझा, अविनाश शर्मा, भरत शर्मा, जैन समाज से अक्षांश नाहटा, रवि विराणी, अनिल ईनाणी, महेन्द्र गाडियालौहार, सुखवाल समाज से मनोज सुखवाल, साहु समाज से मनोज साहु, गोपाललाल छीपा, शान्तिलाल गुर्जर, शम्भुलाल अहीर, कमलेन्द्रसिंह चौथपुरा, खेतसिंह ओरडी, लोकेन्द्रसिंह, राजेन्द्रसिंह चुण्डावत, प्रिन्स शर्मा, अभिजित पालीवाल, रूद्रप्रतापसिंह झाला, ऋषिराज सिंह झाला, हेमेन्द्रसिंह, छत्रपालसिंह, अजयराज सिंह चुण्डावत सहित सर्व समाज के कई उपस्थित थे।