boltBREAKING NEWS
  • रहें हर खबर से अपडेट भीलवाड़ा हलचल के साथ
  • भीलवाड़ा हलचल पर समाचार या जानकारी भेजे [email protected]
  • सबसे ज्यादा पाठकों तक पहुँच और सबसे सस्ता विज्ञापन सम्पर्क करें  6377 364 129
  •  

हनुमान जयंती पर बन रहा व‍िशेष संयोग

हनुमान जयंती पर बन रहा व‍िशेष संयोग

Hanuman Jayanti 2021: इस बार हनुमान जयंती पर बन रहा व‍िशेष संयोग, राशि के अनुसार करें इन मंत्रों का जाप

 

 

इस बार 27 अप्रैल को चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जयंती मनाई जाएगी। इस बार जयंती पर सिद्धि ओर व्यतपिात योग रहेगा। बजरंग वली के जन्म दिन क दिन रात 8.03 बजे तक सिद्ध योग रहेगा। इसके बाद व्यतिपात योग शुरू हो जाएगा। जब वार, तिथि और नक्षत्र के मध्य शुभ तालमेल होता है, तब सिद्धि योग का निर्माण होता है।

पंडित विपिनकृष्ण भारद्वाज के मुताबिक सिद्धि योग के स्वामी गणेशजी हैं। इस योग में किए गए कार्य बिना किस विघ्न-बाधा के सफल हो जाते हैं। किसी भी प्रकार की सिद्धि प्राप्त करने, प्रभु का नाम जपने के लिए यह याेग बहुत ही उत्तम माना गया है। हनुमान जयंती पर यह योग बनने से बजरंग बली की पूजा शुभदायी रहेगी। इस योग में जन्म लेने वाले जातक भले ही ज्यादा धनवान नहीं होते हैं, लेकिन इनके जीवन में अन्न, धन और वस्त्र की काेई नहीं नहीं रहती है। इधर व्यतिपात योग को अमंगलकारी माना गया है। पंडित भारद्वाज के मुताबिक इस योग में किए गए कार्यों से शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है। इस योग में कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए, लेकिन इस समय मंत्र, जाप, गुरु पूजा, उपवास आदि करने का बहुत महत्व होता है।

 

भगवान शिव के अवतार हैं हनुमान

बजरंगबली शंकर महादेव का 11वां अवतार भी माना जाता है। बालाजी की पूजा करने और उपवास रखने से जीवन में काेई संकट नहीं रहता है। इसलिए हनुमानजी का संकट मोचक भी कहा गया है। जिन लोगों की कुंडली में शनि अशुभ िस्थति में हैं या फिर शनि की साढे़साती चल रही है, उनको हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से शनि ग्रह से जुड़ी परेशानी दूर हो जाती हैं।

राशि अनुसार करें इन मंत्राें का जाप

मेष राशि - ऊॅं सर्वदुखहराय नम:

वृषभ राशि - ऊॅं कपिसेनानायक नम:

मिथुन राशि - ऊॅं मनोजवाय नम:

कर्क राशि - ऊॅं लक्ष्मणप्राणदात्रे नम:

सिंह राशि - ऊॅं परशौर्य विनाशन नम:

कन्या राशि - ऊॅं पंत्रवक्त्र नम:

तुला राशि - ऊॅं सर्वग्रह विनाशिने नम:

वृश्चिक राशि - ऊॅं सर्वबंधविमोक्त्रे नम:

धनु राशि - ऊॅं चिरंजीविते नम:

मकर राशि - ऊॅं सुरार्चिते नम:

कुंभ राशि - ऊॅं वज्रकाय नम:

मीन राशि - ऊॅं कामरूपिणे नम: