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12 घंटे के कफ्र्यू का सुझाव, नहीं मानी जनता तो लागू होगा

12 घंटे के कफ्र्यू का सुझाव, नहीं मानी जनता तो लागू होगा

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि राजस्थान में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बावजूद प्रदेशवासी अपने लापरवाही भरे व्यवहार में बदलाव लाकर मास्क पहनने, उचित दूरी बनाए रखने तथा भीड़ से दूर रहने के हेल्थ प्रोटोकॉल की पालना नहीं करेंगे, तो राज्य सरकार सख्त कदम उठाने पर मजबूर होगी। इसके तहत शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक कफ्र्यू लागू करने के सुझाव पर भी अमल किया जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि दूसरी लहर के दौरान संक्रमण बहुत अधिक तेजी से फैल रहा है तथा सभी लोग स्वास्थ्य नियमों की पालना कर इसे नियंत्रित रखने में सरकार की मदद करें।
गहलोत शनिवार रात मुख्यमंत्री निवास पर संक्रमण और टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण के प्रसार के दौरान जिस तरह सभी लोगों ने राज्य सरकार का भरपूर सहयोग दिया और सभी स्वास्थ्य नियमों एवं अन्य दिशा-निर्देशों की पालना की उसी भावना और समर्थन की फिर से आवश्यकता है। 
बैठक में स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार तथा एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भंडारी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने संक्रमण की तेज गति को नियंत्रित करने के लिए आगामी दिनों में निम्नलिखित कदम उठाने के सुझाव दिए-
वैवाहिक एवं सामाजिक आयोजनों में मेहमानों की संख्या 50 की जाए, रात्रिकालीन कफ्र्यू की अवधि शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक बढ़ाई जाए, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में धार्मिक मेलों, उत्सवों, जुलूस आदि पर रोक लगे, सरकारी कार्यालयों की तर्ज पर निजी कार्यालयों में उपस्थिति 75 प्रतिशत की जाए, रेस्टोरेंट आदि में केवल टेक-अवे की सुविधा की अनुमति हो, कोचिंग संस्थानों में कक्षाओं पर रोक लगाई जाए, स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को केवल परीक्षा के लिए ही प्रवेश हो और बसों एवं अन्य सार्वजनिक वाहनों में यात्रियों की संख्या 50 प्रतिशत की जाए।
मुख्यमंत्री ने इसके लिए सभी जिलों में स्थानीय प्रशासन क्षेत्र के प्रभावशाली लोगों के साथ बैठकर सामझाइश तथा सख्ती के माध्यम से आमजन से स्वास्थ्य नियमों की पालना करवाने की रणनीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगले एक-दो दिन में सभी कलेक्टर विभिन्न व्यापारी एवं व्यवसायिक संगठनों धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों एवं अन्य प्रभावशाली लोगों के साथ बैठकें करें। इसी प्रकार पुलिस अधिकारी भी थाने के स्तर तक सीएलजी के सदस्यों के साथ आवश्यक रूप से बैठकें कर कोविड प्रोटोकॉल की पालना में उनका सहयोग लेना सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य सचिव निरंजन आर्य, पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर, प्रमुख सचिव गृह अभय कुमार, प्रमुख सचिव वित्त अखिल अरोरा, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा वैभव गालरिया, शासन सचिव स्वायत्त शासन भवानी सिंह देथा, आयुक्त परिवहन महेन्द्र सोनी, अतिरिक्त निदेशक राजपाल यादव सहित अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित थे।