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ठाकुर श्री कल्लाजी के प्रकाट्योत्सव में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

ठाकुर श्री कल्लाजी के प्रकाट्योत्सव में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

 

निम्बाहेड़ा BHILWARA HALCHAL

मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ पर श्रावण शुक्ला अष्टमी को आयोजित ठाकुर श्री कल्लाजी के प्रकाट्योत्सव में श्रद्धा का ऐसा सैलाब उमड़ा कि इस आयोजन में कल्याण नगरी में किसी विशेष मेले की प्रतिकृति को प्रकट किया। इस मौके पर वेदपीठ पर विराजित ठाकुर श्री सहित पंच देवों का आचार्य गोपाल शर्मा द्वारा किया गया मनभावन श्रंगार देखते ही बनता था। उनकी श्रंगार कलाकारी की हर कोई प्रशंसा करता नजर आया। वहीं जन जन के आराध्य ठाकुर जी के स्वर्ण एवं रत्न जड़ित श्रंगार के साथ ही रजत पावासन पर उनकी छवि श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर रही थी। इस मौके पर वेदपीठ को 50 तरह के पुष्पों से सुसज्जित किया गया था। वहीं कलकत्ता से विशेष रूप से मंगवाएं गए लक्ष्मी कमल के साथ ही 31 प्रकार के 7100 कमल अर्पित करते हुए ठाकुर जी की कमल पूजा की गई। इससे पूर्व 21 द्रव्यों से ठाकुर जी का महारूद्राभिषेक किया गया। वेदपीठ की मनोहारी झांकी और पुष्प सज्जा से समूचा परिसर भीनी-भीनी सुगंध से महक रहा था। सवेरे से लेकर देर रात्रि तक दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। जिनमें मेवाड़, मालवा, गुजरात, वागड़, हाड़ौती सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य के दर्शन कर स्वयं को धन्य किया।

विद्यालय में मनाया जन्मोत्सव

वेदपीठ की परंपरानुसार ठाकुर जी का जन्मोत्सव कल्याण नगरी के अलावा आसपास के गांवों के लगभग 100 विद्यालयों में मनाया गया। इस मौके पर वेदपीठ से जुड़े वीर वाहिनी एवं वीरांगना वाहिनी के युवक-युवतियों ने विद्यार्थियों को मेवाड़ की आन, बान और शान के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले वीर वर कल्लाजी की जीवनी से परिचित कराते हुए सभी का मुहं मीठा कराया।

कल्याण नगरी में गूंजा जय श्री कल्याण का अभिवादन

ठाकुर जी के जन्म दिवस को कल्याण नगरीवासी विशेष पर्व के रूप में मनाते है। इसी के फलस्वरूप शुक्रवार को नगर के हर गली मोहल्लों में सभी लोग एक दूसरे को जय श्री कल्याण के अभिवादन के साथ ठाकुर जी के जन्मदिन की बधाईयां देते नजर आए। वहीं मुख्य चौराहों पर वीर बालकों एवं वीरांगनाओं ने आगंतुकों को मंगल तिलक लगाकर मुहं मीठा कराकर उन्हें ठाकुर श्री कल्लाजी के जन्मदिन की बधाईयां दी।

नजरानों का लगा ढेर

ठाकुर श्री कल्लाजी के प्रकाट्योत्सव के पावन अवसर पर इंदौर से भक्त परिवार द्वारा उनकी 479 वें जन्म दिन के उपलक्ष्य में इतनी ही संख्या में लक्ष्मीकमल भेंटकर वैदिक विश्वविद्यालय को विश्व के वैदिक मानचित्र पर विशिष्ट पहचान बनाने के लिए लक्ष्मी की कृपा बनी रही इस भाव के साथ अपनी अनूठी भेंट दी। इतना ही नहीं वीर बालकों द्वारा रजत तलवार के साथ ही कई श्रद्धालुओं ने स्वर्ण रजत, आभूषण, मुकुट, मेवाड़ी वेशभूषा, नानाविध मिष्ठान के अलावा नन्हें बालक-बालिकाओं ने अपने ही अंदाज में बधाई संदेश तैयार कर अर्पित किए।

भजनानन्दी स्वर लहरियों से गूंजता रहा परिसर

ठाकुरजी के प्रकाट्योत्सव के उपलक्ष्य में वेदपीठ पर पंडित प्रहलादकृष्ण शर्मा एवं साथियों द्वारा लगभग 12 घण्टे तक ठाकुरजी सहित भगवान श्रीकृष्ण, श्रीराम, शिव आदि के भजनों से परिसर को गूंजायमान कर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण भी भजनों का आनन्द लेते देखे गए।

पदयात्रियों ने किए आराध्य के दर्शन

बिनोता सहित कई गांवों से पदयात्रि सवेरे रवाना होकर ठाकुरजी के जयकारे लगाते, नाचते गाते कल्याण नगरी पहुंचे। जिनका मार्ग में लोगों ने आत्मिक स्वागत किया। वहीं सभी पदयात्रियों ने वेदपीठ पहुंचकर अपने आराध्य के दर्शन करते हुए सर्वत्र खुशहाली एवं अच्छी वर्षा की कामना की।

दुर्ग मार्ग पर श्रद्धा के साथ मनाया कल्लाजी का जन्मोत्सव

मेवाड़ के रणबांकुरे ठाकुरश्री कल्लाजी के जन्मदिन पर दुर्ग मार्ग स्थित छतरी पर श्री श्री जयमल कल्लाजी संस्थान के सदस्यों के साथ ही बड़ी संख्या में कल्याण भक्तों ने श्रावण शुक्ला अष्टमी को सवेरे सहस्त्रधारा अभिषेक किया। इस दौरान जयमलजी एवं कल्लाजी का मनभावन श्रंगार करने के साथ ही कल्याण महायज्ञ कर आहूतियां देते हुए यजमानों ने सर्वत्र अच्छी वर्षा एवं खुशहाली की कामना की।

ठाकुर श्री कल्लाजी के प्रकाट्योत्सव में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब