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तेरह साल पहले की थी एएसआई व ग्रामीण की हत्या, आरोपित को कोर्ट ने सुनाई उम्र कैद की सजा

तेरह साल पहले की थी एएसआई व ग्रामीण की हत्या, आरोपित को कोर्ट ने सुनाई उम्र कैद की सजा

  भीलवाड़ा बीएचएन। सालमपुरा के बहुचर्चित दोहरा हत्याकांड मामले में 13 साल बाद अहम फैसला आया है। अपर सेशन न्यायालय कैंप कोर्ट, मांडलगढ़ विनोदकुमार शर्मा ने काछोला थाने के तत्कालीन एएसआई भगवत सिंह व ग्रामीण भैंरू बैरवा की हत्या के मुख्य आरोपित सालमपुरा निवासी गोपाल पुत्र नंदा गुर्जर को उम्र कैद और दस हजार रुपये जुर्मान से दंडित किया गया है। 
अपर लोक अभियोजक गोपाल गाडरी ने बताया कि आज से 13 साल पहले आरोपित गोपाल गुर्जर ने सालमपुरा के भैंरू बैरवा को जान से मारने की धमकी देते हुये प्रताडि़त किया था। इसे लेकर भैंरू बैरवा ने काछोला थाने में परिवाद पेश किया । इसकी जांच एएसआई भगवत सिंह को सौंपी गई थी। 
सिंह इस परिवाद की जांच करने सालमपुरा गये थे, जहां इस परिवाद के आरोपित गोपाल गुर्जर व फौरी ने षड्यंत्र रचकर एएसआई भगवत सिंह व भैंरू बैरवा की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी थी। काछोला पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरु की। उधर, हत्या के बाद आरोपित गोपाल गुर्जर फरार हो गया था। अपर लोक अभियोजक गाडरी ने बताया कि गोपाल, इतना शातिर था कि इस हत्याकांड में गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपनी पहचान छिपाई। वह चोरी के एक मामले में देवगढ़ थाने में पकड़ा गया, तब उसने खुद को कैलाश पुत्र नारायण गुर्जर बताया था। इसी नाम से वह गिरफ्तार हुआ। इस मामले में वह कैलाश के नाम से जेल भेज दिया गया।
बाद में वह जेल से फरार हो कर मोखमसिंह डकैत की गैंग में शामिल हो गया। एक बार फिर वह पुलिस के हत्थे चढ़ा और अजमेर सेंट्रल जेल भिजवा दिया गया। आरोपित के नाम बदलकर पहचान छिपाने की सूचना पर स्थानीय पुलिस ने उसे अजमेर जेल से दोहरे हत्याकांड में गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में इसके हाथ पर गोपाल गुर्जर गुदा मिला। यह आरोपित शातिराना तरीके से बचता रहा। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपित गोपाल गुर्जर के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। एडीजे कैंप कोर्ट मांडलगढ़ ने सुनवाई की। सरकार की ओर से अपरलोक अभियोजक गोपाल गाडरी ने पैरवी करते हुये 24 गवाहों के बयान कलमबद्ध करवाये और 97 दस्तावेज पेश कर गोपाल गुर्जर पर लगे आरोप सिद्ध किये। 
सुनवाई पूरी होने पर शुक्रवार को आरोपित गोपाल गुर्जर को इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। बता दें कि इस वारदात में लिप्त सह आरोपित महिला फौरी को 7 अक्टूबर 2011 को भी आजीवन कारावास हो चुका है।