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वो होते है किस्मत वाले जिनके मां होती है: महन्त शास्त्री

वो होते है किस्मत वाले जिनके मां होती है: महन्त शास्त्री

भीलवाड़ा BHN

निम्बार्क आश्रम के महन्त मोहनशरण शास्त्री के सान्निध्य में सनातन सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव का समापन मंगलवार को भक्तिरस से सराबोर माहौल में हुआ। देवरिया बालाजी के पास आरके आरसी माहेश्वरी भवन में व्यास पीठ से कथा वाचन करते हुए महन्त मोहनशरण शास्त्री ने अंतिम दिन भगवान कृष्ण का उदाहरण देते हुए माता-पिता की सेवा का सन्देश दिया और कहा कि जीवन में कितने भी पुण्य कर ले मातृ-पितृ ऋण से मुक्त नहीं हो सकते। 

भागवत कथा में कृष्ण-सुदामा प्रसंग का मंचन हुआ तो माहौल भावनाओं से ओतप्रोत हो गया। महंत मोहनशरण शास्त्री ने कृष्ण-सुदामा दोस्ती को अनुपम बताते हुए कहा कि दोस्ती जात-पात, अमीरी-गरीबी कुछ नहीं देखती और जीवन में जहां सब तरफ से निराश हो जाते है तब दोस्त ही काम आता है। समापन अवसर पर फूलों की होली खेली गई तो माहौल उत्साह से ओतप्रोत हो गया और हर तरफ जय कन्हैयालाल का जयघोष होने लगा। 

कथा समापन समारोह में मंच से हरिशेवाधाम उदासीन आश्रम के पीठाधीश्वर महंत हंसाराम  महाराज एवं जैन संत अरविंद मुनि का भी सानिध्य मिला। समापन अवसर सात दिन की भागवत कथा का सार भी प्रस्तुत किया गया महन्त मोहनशरण शास्त्री ने  भगवान कृष्ण द्वारा अपने माता पिता देवकी- वासुदेव को बेड़ियों से मुक्त कराने के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि यह बताता है कि अपने माता पिता के प्रति कितना समर्पित होना चाहिए।  उन्होंने अपने दांतों से हथकडिया व बेड़ियां तोड़ मातृ-पितृ ऋण से मुक्त होने की कोशिश की पर कहा कि माता-पिता की संतान पर इतनी कृपा होती है कि वह उस ऋण से कभी उऋण नहीं हो सकता है। संतान को कभी ऐसा कोई कृत्य नहीं करना चाहिए जिसके कारण माता पिता की आंखों से आंसू निकले। उन्होंने जीवन मे माता का महत्व बताते हुए कहा कि वो किस्मतवाले होते है जिनके मां होती है।

हरिशेवाधाम उदासीन आश्रम के पीठाधीश्वर एवं सनातन सेवा समिति के सरंक्षक महंत हंसाराम महाराज ने सनातन एकता पर जोर देते हुए कहा कि सनातन सँस्कृति की रक्षा करने के लिए हिन्दू धर्म को जाति-पांति के बंघनो से मुक्त करना होंगा। अरविंद मुनि ने कहा कि जातिवाद से ऊपर उठने के लिए जनता को जागरूक करना होंगा। कथा के दौरान उन्होंने भक्तिभाव से भरपुर गीत व भजन पेश किए तो श्रद्धालु नृत्य करने लगे। उन्होंने कन्हैया तुम्हे एक नजर देखता है, वो होते किस्मत वाले जिनके मां होती है जैसे भजन प्रस्तुत किए तो पांडाल में भक्त थिरकने लगे कथास्थल पर भक्ति का रंग छा गया। समिति के प्रचार प्रसार सचिव रमेश मूंदड़ा ने बताया कि कथा में अंतिम दिन मंगलवार को महन्त बाबूगिरी महाराज, महन्त बनवारी शरण काठियाबाबा, महासन्तदास महाराज हाथीभाटा, महन्त बलरामदास,महन्त रामदास रामायणी,महन्त जयराम दास,महन्त जगदीश दास महाराज,महन्त रामदास महाराज,संन्त निर्मलराम महाराज सहित कई अन्य सन्त उपस्थित रहे। इस मौके पर भागवत कथा समापन अवसर पर सांसद सुभाष बहेड़िया, आरएसएस के चित्तौड़ प्रान्त के कार्यवाह शंकरलाल माली, केशव सेवा प्रन्यास के हीरालाल टेलर, प्रान्त प्रमुख सामाजिक समरसता नटवर ओझा, भाजपा प्रदेश संगठन मंत्री श्रवणसिंह बगड़ी,विवेकानंद केन्द्र आरजिया के भगवानसिंह, नागरिक रक्षा मंच के संयोजक एडवोकेट उम्मेदसिंह राठौड,भाजपा मंडल अध्यक्ष मनीष पालीवाल,सरपंच संघ जिलाध्यक्ष शक्तिसिंह कालियास, एडवोकेट आजाद शर्मा सहित कई गणमान्यजन मौजूद थे। दूर्गा शक्ति अखाड़े की सभी बहनें भी कार्यक्रम में आई।