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जयपुर में मंत्रियों के सामने कांग्रेस मुख्यालय में बेरोजगारों ने किया हंगामा

जयपुर में मंत्रियों के सामने कांग्रेस मुख्यालय में बेरोजगारों ने किया हंगामा

जयपुर। राजस्थान में सरकारी नौकरी की मांग को लेकर एनटीटी नर्सरी टीचर्स ट्रेनिंग के बेरोजगार बुधवार को जयपुर  स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर पहुंचे। इस दौरान महिला व बाल विकास मंत्री ममता भूपेश और परिवहन मंत्री बृजेंद्र ओला जनसुनवाई कर रहे थे। मंत्रियों की जनसुनवाई के बीच नर्सरी टीचर्स ट्रेनिंग भर्ती में नियुक्ति की मांग को लेकर बेरोजगार पहुंचे। उन्होंने मंत्रियों से शीघ्र नियुक्ति देन की मांग की। हंगामा ज्यादा बढ़ा तो कांग्रेस के पदाधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को बुलाया। इस दौरान बेरोजगारों की पुलिसकर्मियों व मंत्रियों से नोकझोंक हुई। बाद में पुलिसकर्मियों ने बेरोजगारों को जबरन कांग्रेस मुख्यालय से बाहर निकाल दिया।

कोर्ट का फैसला आते ही नियुक्ति देंगेः मंत्री

एनटीटी के बेरोजगार साढ़े तीन साल से भर्ती प्रक्रिया शुरू कर नियुक्ति देने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इस मामले में मंत्री भूपेश ने कहा कि 1350 एनटीटी की भर्तियों में से 850 को नियुक्ति दी जा चुकी है। कुछ लोग न्यायालय में चले गए। इस कारण बचे हुए बेरोजगारों को नियुक्ति नहीं दी जा सकी है। जब तक न्यायालय का फैसला नहीं आ जाता, सरकार नियुक्ति नहीं दे सकती है। न्यायालय में विभाग के वकील पैरवी कर रहे हैं। न्यायालय का फैसला आते ही नियुक्ति दे दी जाएगी।

राजस्थान के बेरोजगारों ने इससे पहले भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। तब प्रदेशभर के बेरोजगार अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर जयपुर के शहीद स्मारक पर धरने पर बैठे थे। राजस्थान एकीकृत महासंघ के बनैर तले आयोजित धरने में शामिल हुए बेरोजगारों ने सरकारी नौकरियों में अन्य राज्यों का कोटा निर्धारित करने और निजी क्षेत्र में स्थानीय लोगों को आरक्षण देने सहित कई मांग सरकार के समक्ष रखी थी।

महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव ने कहा कि अन्य राज्यों के युवा बाहर से आकर स्थानीय युवाओं का रोजगार छीन रहे हैं। कई राज्यों ने स्थानीय युवाओं के लिए नौकरी में आरक्षण का प्राावधान कर रखा है। राजस्थान में भी ऐसा होना चाहिए। यादव का कहना है कि सरकार को बने साढ़े तीन साल होने के बावजूद भी सरकार बेरोजगारों के साथ वादाखिलाफी कर रही है। रिक्त चल रहे पदों पर जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। सरकार ने यदि ऐसा नहीं किया तो बेरोजगार कांग्रेस को वोट के माध्यम से सबक सिखाएंगे।