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VIDEO मकर संक्रांति पर कोरोना का साया: तिल्ली के पकवान भी नहीं दे पा रहे मिठास, बाजार मंदा होने से व्यापारी उदास

VIDEO मकर संक्रांति पर कोरोना का साया: तिल्ली के पकवान भी नहीं दे पा रहे मिठास, बाजार मंदा होने से व्यापारी उदास

भीलवाड़ा (आकाश गढ़वाल/नगेंद्र सिंह)। उत्साह के साथ मनाए जाने वाले मकर संक्रांति पर्व पर तिल्ली की मिठास भी इस बार फीकी रहने वाली है। बाजार में तिल्ली सहित अन्य व्यंजनों की सामग्री की बिक्री कमजोर होने से व्यापारी भी निराश ही हैं।
भीलवाड़ा हलचल टीम ने गुरुवार को बाजार का जायजा लिया तो सामने आया कि पहले के मुकाबले तिल्ली सहित संक्रांति के अन्य व्यंजनों की बिक्री कम हुई है। लोग अब कच्ची सामग्री की जगह तैयार व्यंजन खरीद रहे हैं। घर में की जाने वाली मेहनत को भी महिलाएं अब नजरअंदाज कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि जब बाजार में बनी-बनाई चीजें मिल रही हैं तो इतनी सर्दी में हम मेहनत क्यों करें।
स्कूलें बंद होने के बाद बढ़ी पतंगों की बिक्री
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण राज्य सरकार ने स्कूलें बंद कर दी हैं। बच्चे घर पर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में दिनभर बच्चे घर पर रहने से बोर हो रहे हैं वहीं मकर संक्रांति होने से उनमें पतंगबाजी को लेकर क्रेज भी है। पहले तो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में पतंग उड़ाने का शौक था लेकिन अब पाबंदियां लगने से वे निरुत्साहित हैं। बड़े-बुजुर्गों का कहना है कि पहले हम भी पतंग उड़ाने का शौक रखते थे लेकिन अब कोरोना संक्रमण और महंगाई के साथ सर्दी होने से हमने पतंग उड़ाने का शौक छोड़ दिया है। इसके अलावा बाजारों में अब शुद्ध चीजें भी नहीं मिल रही हैं कि घर पर व्यंजन बनाएं। बाजार में रेडिमेड गजक, तिल के लड्डू और अन्य चीजें आराम से उपलब्ध हैं।
फ्री फायर से लेकर डोरीमोन सहित कोरोना की छाप वाली पतंगें बाजार में
न्यू शाम की सब्जी मंडी में पतंगों की दुकान करने वाले प्रकाश पतंग भंडार के मालिक अमित खंडेलवाल ने बताया कि बच्चों में फ्री फायर व डोरीमोन की पतंगों का क्रेज हैं। बच्चे प्लास्टिक की पतंगें खरीदना पसंद कर रहे हैं वहीं युवाओं में कागज की पतंगें खरीदने का क्रेज देखा जा रहा है। अमित ने बताया कि हमारे पास दो रुपए से लेकर 20 रुपए तक की पतंग है। पिछले दिनों की भांति हमने इस बार भी चाइनीज मांझे का बायकॉट किया है। बरेली व सूरत के बने हुए शद्दा (धागा) व मांझे की बिक्री कर रहे हैं। इससे किसी के हाथ नहीं कटते। इसके अलावा हम पतंग खरीदने आने वाले लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे अंगुलियों पर पहले ही बैंडएड या कपड़ा बांध लें ताकि उनके हाथों को कोई नुकसान नहीं पहुंचे।
प्रकाश पतंग स्टोर पर आए बच्चे राजवीर ने बताया कि अभी स्कूलों में छुट्टियां चल रही हैं और घर पर पढ़ाई कर रहे हैं तो खाली समय में पतंग उड़ा रहे हैं। राजवीर ने बताया कि उसे फ्री फायर छापे वाली पतंगें पसंद हैं और वे ज्यादातर खरीद रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए वह कम ही खर्चे में पतंगबाजी करेगा। इसके लिए वह आज खरीदारी करने आया है।

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