Video परेशान मतदाताओं को फिर आश्वासनों की जड़ी, मांग रहे है वोट

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Wed 05 Dec 18  3:10 pm

भीलवाड़ा (हलचल)। भीलवाड़ा विधानसभा सीट पर कांग्रेस भाजपा के साथ ही बागी प्रत्याशी के बीच मुकाबला होना है। इस बीच तीनों ही प्रत्याशियों ने विकास के नाम पर अपने समर्थन और जीत के दावे किये है। 7 दिसम्बर को होने वाले मतदान में मतदाता किसके साथ जाता है। यह तो 11 दिसम्बर को ही पता लग पाएगा लेकिन अभी तो तीनों ही अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे है। 

भाजपा प्रत्याशी विट्ठलशंकर अवस्थी ने कहा है कि उन्होंने दस सालों से शहर वासियों की सेवा की है। उन पर एक पैसे का भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा जीतती है तो एक नया भीलवाड़ा विकसित किया जाएगा। भू माफियाओं पर कृषि भूमि पर काटी गई कॉलोनियों पर रोक लगाई जाएगी, सांगानेर रोड पर पुलिया निर्माण और जिंदल से आरओबी बनाने का काम किया जाएगा।

कांग्रेस प्रत्याशी अनिल डांगी ने कहा कि कांगे्रस भाजपा के भ्रष्टाचार के साथ ही चार सालों में किये 15 लाख के घोटालों को लोगों के सामने रख रहे हैं। जनता का ध्यान भटकाना होता है तो ये राम मंदिर बनाने का मुद्दा सामने रख देते है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के द्वारा किये गये विकास कार्यों को देखते हुए जनता 7 तारीख को भाजपा का सफाया कर देगी।

निर्दलीय प्रत्याशी ओम नराणीवाल ने कहा है कि भीलवाड़ा की जन समस्याओं और भाजपा सरकार की गलत नीतियों से लोग परेशान है। सिक्योर कम्पनी के आने के बाद बिजली के बिल बढ़ गये है। लोगों की कोई सुनने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि वे जीते तो पांच साल तक लोगों की सेवा करेंगे, विकास में कोई कमी नहीं आने देंगे। 

भीलवाड़ा शहर की विभिन्न समस्याओं को लेकर तीनों प्रत्याशी विकास की बात कर रहे है, सेवा का दम भर रहे है लेकिन पिछले पांच सालों में शहर में विकास के नाम पर क्या हुआ है, यह लोगों से छिपा हुआ नहीं है। भू माफियाओं को किस तरह बढ़ावा मिला है। शहर की सड़कें खराब है, शहर के बाहर चौड़ी और पेवर सड़कें बना दी गई है। अवैध निर्माण बढ़े है। आम लोगों के कामकाज तो नहीं हो पाये लेकिन भू माफियाओं और प्रोपर्टी कारोबारियों को जरूर सम्बल मिला है। 

भीलवाड़ा में पिछले दस सालों से एक दर्जन मीडियाकर्मी न्यास की गलत नीतियों से भूखण्ड आवंटन के बावजूद निर्माण नहीं करा पा रहे है। आठ सालों से मामला लटका हुआ है। नेता मात्र आश्वासन ही दे पाये है। कई समाजों को भूखण्ड आवंटन नहीं हो पाये। कई जगह नालियां टूटी हुई है। चार सालों में लोग मांग करते आये है लेकिन नालियां नहीं बन पाई। पार्कों के नाम पर नगर परिषद में बड़ा घपला हो रहा है, यह भी किसी से छिपा हुआ नहीं है। नगर विकास न्यास और नगर परिषद में महत्वपूर्ण सीटों पर रिटायर्ड कर्मचारी या डेली वेजेज वाले कर्मचारी काम संभाल रहे है जिनकी कोई जिम्मेदारी नहीं होती है। ऐसे में लोग परेशान ही नहीं होते बल्कि चक्कर खाने को मजबूर होते हैं।