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video पीतलिया का एक और ऑडियो वायरल: बोले- नाम वापसी के दौरान भीड़ करता तो कांग्रेस वाले उठा ले जाते, इसलिए चुपचाप उठाया परचा

video पीतलिया का एक और ऑडियो वायरल: बोले- नाम वापसी के दौरान भीड़ करता तो कांग्रेस वाले उठा ले जाते, इसलिए चुपचाप उठाया परचा

वीडियो जारी कर पीतलिया ने ऑडियो को बताया फेक, कहा- अफवाहों पर ध्यान नहीं दें, यह सब विपक्षी की चाल 
भीलवाड़ा / रायपुुुर(हलचल)।।
सहाड़ा विधानसभा उपचुनाव में फिल्मों की तरह रोज कोई न कोई नया ट्विस्ट सामने आता ही जा रहा है। बुधवार को पीतलिया व रायपुर सरपंच रामेश्वर छीपा के बीच बातचीत का एक ऑडियो वायरल हुआ है। इसमें पीतलिया कह रहे हैं कि कांग्रेस ने नाम वापस नहीं लेने के लिए उन पर दबाव बनाने की कोशिश की लेकिन उससे पहले ही उन्होंने गुपचुप तरीके से परचा उठा लिया। पीतलिया ने यहां तक कहा कि अगर वे सार्वजनिक रूप से नामांकन वापस लेने जाते तो कांग्रेस वाले उन्हें उठाकर ले जाते और वे नाम वापस नहीं ले पाते।
कांग्रेस से भी डरे हुए थे पीतलिया!
ऑडियो में हुई बातचीत के आधार पर पितलिया को कांग्रेस से भी खतरा था। खुद पीतलिया ने ऑडियो में कहा है कि यदि नाम वापस नहीं लेने का दबाव बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी उन्हें उठवा सकती थी। बातचीत में पीतलिया ने भगवान सिंह, चांदमल सोमानी व शंकर माली से बैठकर चर्चा करने व इन लोगों के कहे अनुसार करने की बात कर रहे हैं। पीतलिया जिन तीनों लोगों की बात कर रहे हैं वे भीलवाड़ा आरएसएस के पदाधिकारी हैं।
ऑडियो रिकॉर्डिंग के अंश:
छींपा: जयश्रीराम।
पीतलिया: जयश्रीराम, चाय पानी हो गया?
छींपा: हो गया। अब मेरा निवेदन है, आगे क्या करना है? पीतलिया जी, अब मैं दुविधा में पड़ गया। संगठन में मुझे बदनाम कर रखा है। संगठन के लोग कह रहे हैं पीतलियाजी को छींपा साहब ने ही गुमराह कर रखा है। संगठन में मेरे खिलाफ हवा बना रखी है।
पीतलिया: मैं तो निर्दलीय लड़ता कोई तकलीफ  ही नहीं रहती। आप कहो उनसे।
छीपां: अब सुनो, आप कब इधर आ रहे हो। हम दोनों घंटेभर शांत वातावरण में बैठकर चर्चा कर लेते हैं, या तो आप आ जाओ नहीं तो मैं आ जाता हूं। हम भविष्य की लाभ हानि के बारे में चर्चा कर लें।
पितलिया: मैं कल आ जाऊं।
छींपा: आप जहां कहीं भी हो, मैं आ जाऊं। मैं अकेला आ जाता हूं। रामनाथजी को ले आता हूं क्योंकि अन्य लोगों पर मुझे विश्वास नहीं है। पहले हम तीनों बैठकर चर्चा कर लें।
पीतलिया: अपन पहले भगवानसिंहजी, आप और जो भी विचारधारा के लोग हैं उनसे बैठकर चर्चा कर लें। हम सबकी राय लेकर ही गए थे, लेकिन सब कुछ उल्टा हो गया। पूरी तरह उल्टा हो गया।
छीपां: मेरी बात सुनो।
पितलिया: केवल तीन ही नहीं, आरएसएस की पूरी टीम के साथ बैठकर बात करेंगे। जो टीम कहेगी वह करेंगे। भगवानजी, चांदमल सोमानी, शंकर माली सब पदाधिकारी सहित टीम से बात करेंगे। आप जो कहेंगे वह मैं करुंगा।
छींपा: आप आज ही बैठो, डिले मत करो, डिले करने में आपका भी नुकसान है और हमारा भी। मेरे जैसा व्यक्ति न घर का रहा न घाट का। मेरे विरोधी जितने भी हैं वे यह प्रचार करने में सफल हो गए कि यह सरा खेल छींपा ने करवाया है। जबकि आप 25 तारीख से मेरे संपर्क में नहीं हो, मेरे से कोई राय मशविरा नहीं हुई। इसके बाद मुझे बदनाम करने की कहां आवश्यकता है?
पीतलिया: भीलवाड़ा में सब पदाधिकारी मिल जाएंगे, वहां बैठकर सब चर्चा हो जाएगी। आप जो कहेंगे मैं वह करूंगा।
छींपा: मैं भीलवाड़ा आ रहा हूं, लोगों को इकट्ठा कर लेता हूं। आज रख लेता हूं।
पितलिया: कल रख लेते तो ठीक रहता।
छींपा: मेरी बात सुनो... आपके साथ डेढ़ माह से लग रहा हूं। केवल संगठन के लिए लग रहा हूं। भाजपा हमारी मजबूत हो। उसके लिए काम करना है। इसलिए लग रहा हूं। मूल बात है आप आ जाओ, जैसा चाहो वह होगा। जो समय निकल गया, तीन दिन का खराब समय था वह निकल गया। भविष्य में हमें आगे बढऩा है।
पीतलिया: कल रख लो, कल विजय को बुला लूं, सब बैठकर बात करें। टीम कहेगी वह कर लूंगा।
छींपा: अब भी विरोधी हमें बदनाम करें, हमारी परीक्षा है। आप संगठन के लिए काम आएंगे।
पीतलिया: भीलवाड़ा की टीम जो कहेगी कर लूंगा...।
छींपा: टीम का मतलब संगठन के जो अच्छे लोग हैं वो जो कहें वह करें। इस समय हमारी परीक्षा है। आप संगठन के लिए बहुत काम आएंगे।
पीतलिया: विजय को बुला लेता हूं। विजय भीलवाड़ा की टीम से भी बात कर लेगा और ऊपर भी बात कर लेगा।
छींपा: आज कितने बजे रखें, आप आज ही आ जाओ, कितने बजे रखूंं। विजय को बुला लो।
पीतलिया: हां..हां..
छींपा: मेरा निवेदन, इस जंग में आपका मूल काम है। संगठन में सब लोगों के प्रति आपका सम्मान है, हकीकत बात है। कई बार ग्रह गौचर आ जाते हैं ऐसे, जिससे नुकसान हो जाता है, आप हताश न हो। संगठन आपके साथ है। आपके सम्मान में कहीं कमी नहीं आएगी। मैंने टिकट की दावेदारी आपके लिए छोड़ी। मेरी पहचान नहीं है क्या? मेरे प्रति जो स्थानीय निगेटिव लोग हैं वे आज फैला रहे हैं कि छींपा ने गड़बड़ किया। आप फोन बराबर उठाओ।
पितलिया: आज आ जाऊंगा, फोन चालू कर दिया है।
छींपा: जो भी करो या तो साफ  कह दीजिए। 25 तारीख से श्रवणसिंह बगड़ी के साथ हो, फार्म उठाने भी उन्हें ही साथ ले गए। कल भी फार्म उठाने जाते वक्त मुझे रास्ते में गाड़ी से उतार दिया। आपके साथ यह हो क्या रहा है? यह कौन करवा रहा है?
पीतलिया: आप जो कह रहे हो, वैसा कुछ नहीं है। एक परसेंट भी ऐसा कुछ नहीं है। नामांकन उठाते वक्त ज्यादा भीड़ नहीं करनी थी। ज्यादा भीड़ में कांग्रेस वाले उठाकर ले जाते और दो दिन रख लेते तो फार्म ही नहीं उठा पाता। पीछे के रास्ते से गए और पीछे से ही वापस चले गए। फार्म उठाते वक्त ज्यादा बखेड़ा नहीं करना था। ज्यादा प्रचार करके लोगों को ले जाते और कोई अड़चन आ जाती तो क्या करते? इसलिए साइलेंट फार्म उठाया, भीड़ में से कोई उठाकर ले जाता और फार्म ही नहीं उठा पाते तो पूरा सत्यानाश हो जाता।
छींपा: विजय से बात कर लो और फिर आ जाइए।
पितलिया: मैं आपको फोन कर दूंगा।दूसरी ओर पीतलिया ने अपनी फेसबुक पर 11 सेकंड का वीडियो जारी कर वायरल ऑडियो को फर्जी बताते हुए कहा कि ऑडियो में उनकी आवाज नहीं है। उन पर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं बनाया गया। यह सिर्फ अफवाहें हैं और इन पर ध्यान नहीं दे। यह सब विपक्षी द्वारा चाल चली जा रही है।
(भीलवाड़ा हलचल किसी भी ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है)