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Video कोरोना से मौतों का सच- सरकारी आंकड़ों व मोक्षधाम में जल रही चिताओं की संख्या में बड़ा अंतर

Video कोरोना से मौतों का सच- सरकारी आंकड़ों व मोक्षधाम में जल रही चिताओं की संख्या में बड़ा अंतर

   भीलवाड़ा विजय गढ़वाल/ संपत माली। देश विदेश में वस्त्रनगरी के नाम से पहचान बनाने वाले भीलवाड़ा में संक्रमण की तेज रफ्तार के साथ मौतों का ग्राफ  भी तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन चिकित्सा विभाग कोरोना से हो रही मौतों के सच को छिपा रहा है। जबकि मोक्षधाम से यह सच निकल कर सामने आ रहा है। शवों का दाह-संस्कार करने वालों की माने तो हर दिन पांच से दस शवों का कोविड गाइड लाइन के अनुसार दाह-संस्कार हो रहा है। 
चिकित्सा विभाग जिस सच को छिपा रहा है। उसे जानने के लिए भीलवाड़ा हलचल ने पड़ता की तो सामने आया कि विभाग कोरोना से मौतों को उजागर नहीं कर रहा है, जबकि मोक्षधाम में प्रतिदिन पांच से दस शवों का अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है। हलचल ने मौतों का सच जानने के लिए शहर के पंचमुखी मोक्षधाम का दौरा किया।  जहां दो चितायें जलती हुई मिली। जबकि इससे पहले सुबह से 3 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार हो चुका था।  यह तो सिर्फ एक मोक्षधाम की स्थिति है, जबकि शहर व जिले के मोक्षधाम का अंदाजा स्वत: ही लगाया जा सकता है। सूत्रों की माने तो निजी अस्पतालों में कोरोना से जंग लड़ते जान गंवाने वालों की संख्या अलग ही है। क्यूंकि वहां से शवों को परिजनों को सौंप दिया जाता है और वे, शवों का अपने   रहवासी इलाके के मोक्षधाम में भी दाह-संस्कार कर रहे हैं। 

 

हर दिन पांच से दस शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार
मंगलवार को शहर के पंचमुखी मोक्षधाम में शाम चार बजे तक 5 शवों का कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार हो चुका है।  प्रति शव के दाह संस्कार में 6 क्विंटल लकड़ी लगती है। इस मोक्षधाम में कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों के शवों का अलग, जबकि सामान्य मौत होने पर अलग स्थान पर दाह-संस्कार किया जा रहा है। अन्य मोक्षधामों में भी कोरोना संक्रमित लोगों के दाह-संस्कार किये जा रहे हैं। इस मोक्षधाम में प्रतिदिन 5 से 10 लोगों के कोरोना प्रोटोकॉल के तहत दाह-संस्कार किये जा रहे हैं। इन शवों के दाह-संस्कार की व्यवस्था रोशन लाल द्वारा किया जा रहा है।
हेमनदास भोजवानी, 
 अंतिम संस्कार सहयोग समिति से अधिकृत सदस्य

सरकारी आंकड़ा, हकीकत से अलग
भीलवाड़ा में अप्रैल माह के बीते दस दिनों की बात करें तो सरकारी आंकड़ों के अनुसार 5 लोगों की कोरोना से जान गई, जबकि शहर के पंचमुखी मोक्षधाम में  शवों का दाह-संस्कार कराने वाली समिति की माने तो इस अकेले मोक्षधाम में प्रतिदिन 5 से 10 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया जा रहा है। ये मौतें सरकारी आंकड़ों से काफी ज्यादा है।  

आंकड़ों में इसलिये भी है फर्क
सूत्रों की माने तो चिकित्सा विभाग मौत के कारणों की पहले जांच करवाता है, फिर भला कोई कोरोना पॉजिटिव ही क्यूं न रहा हो। मौत किसी और बीमारी से होने पर अंतिम संस्कार तो कोरोना प्रोटोकॉल से होता है मगर मौत का कारण कोरोना नहीं माना जाता। सूत्र यह भी बताते हैं कि कई मामलों में मरिज की मौत पहले हो जाती है और उसकी आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट बाद में आती है। ऐसे शवों का कोरोना संदिग्ध मानकर कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया जाता है और ऐसी संदिग्ध मौत कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों में दर्ज नहीं की जाती है। जबकि मोक्षधाम में उस मौत को कोरोना से मौत माना जाता है।  

अब भी वक्त हैं संभल जायें, कोरोना प्रोटोकॉल का करें पालन
भीलवाड़ा हलचल एक बार फिर आप से विनम्र अपील करता है कि अब भी वक्त है, संभल जायें। संक्रमण के तेजी से फैलाव के साथ मौतों का ग्राफ भी बढ़ रहा है। ऐसे में आप सभी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें। बार-बार साबुन से हाथ धोयें। भीड़ में जाने से बचें। दो गज की दूरी का पालन करें। बिना जरुरी काम के घर से न निकलें। इन नियमों का पालन भीलवाड़ा के हर शख्स को करना है, तभी हम इस कोरोना की जंग को जीत पायेंगे। 

 

Video कोरोना से मौतों का सच- सरकारी आंकड़ों व मोक्षधाम में जल रही चिताओं की संख्या में बड़ा अंतर
Video कोरोना से मौतों का सच- सरकारी आंकड़ों व मोक्षधाम में जल रही चिताओं की संख्या में बड़ा अंतर